DESK : WARDHA
नगर परिषद ने बारिश से पहले शुरू की तैयारीस्थानीय नगर परिषद द्वारा बारिश के मौसम से पहले नालों की सफाई के काम की योजना बनाई गई है और जल्द ही वास्तविक काम शुरू होने वाला है। हालांकि, पिछले वर्ष नालों की सफाई पर लाखों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद बारिश ही नहीं बल्कि बेमौसम बारिश में भी नाले जाम हो गए थे और कई घरों में पानी घुस गया था। ऐसे में इस वर्ष नालों की सफाई पर विशेष ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।शहर में बड़े और छोटे मिलाकर लगभग आठ प्रमुख नाले हैं, जबकि करीब 80 से 90 छोटी नालियां मौजूद हैं। हर साल नगर परिषद प्रशासन द्वारा नालों की सफाई के लिए योजना तैयार कर लाखों रुपये का बजट रखा जाता है। लेकिन ठेकेदारों द्वारा काम सही तरीके से किया जा रहा है या नहीं, इस पर अधिकारियों को बारीकी से नजर रखने की आवश्यकता है, अन्यथा सफाई अभियान प्रभावी साबित नहीं होगा।मानसून आने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है, फिर भी कई जगहों पर नालों की सफाई कार्य में अपेक्षित तेजी दिखाई नहीं दे रही है। खास बात यह है कि छोटी नालियों की भी नियमित सफाई नहीं होने की शिकायत नागरिकों द्वारा लगातार की जा रही है।
गाद से ज्यादा प्लास्टिक कचरे का ढेर
से गुजरने वाले बड़े नाले अतिक्रमण के कारण संकरे हो गए हैं। इतना ही नहीं, कई नागरिक भी नालों में कचरा फेंक रहे हैं। इन नालों में गाद से ज्याशहर दा प्लास्टिक कचरे का जमाव दिखाई दे रहा है।
आखिर क्यों बेअसर हो रही है नालों की सफाई?
सिर्फ ऊपर-ऊपर से कचरा निकाल देना ही नाले की सफाई नहीं कहलाती। नालों में वर्षों से जमा गाद और प्लास्टिक कचरे को पूरी तरह हटाना जरूरी है। लेकिन कई बार केवल औपचारिक सफाई कर बिल निकाल लिए जाते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है।
अतिक्रमण हटाना भी बड़ी चुनौती
कई स्थानों पर नालों के किनारे और कुछ जगहों पर नालों के ऊपर ही निर्माण कर अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे सफाई कार्य में बड़ी बाधा उत्पन्न हो रही है। जब तक ये अतिक्रमण नहीं हटाए जाएंगे, तब तक नालों का चौड़ीकरण और सही तरीके से सफाई संभव नहीं होगी। शहर के कई बड़े नालों में यह स्थिति देखने को मिल रही है।नगर परिषद के अनुसार, बारिश से पहले नालों की सफाई के लिए हाल ही में निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए सात दिनों का समय दिया गया है और सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद जल्द ही सफाई कार्य शुरू किया जाएगा। नगर परिषद का दावा है कि मानसून से पहले शहर के सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी।
