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Sindewahi: खरीफ धान बोनस से किसान वंचित, बढ़ी चिंता और नाराजगी

डेस्क | सिंदेवाही

खरीफ सीजन 2025 समाप्त होने के बाद अब गर्मी का अंतिम दौर चल रहा है, लेकिन सरकार द्वारा घोषित धान बोनस अब तक किसानों के खातों में जमा नहीं हुआ है। एक ओर महंगाई लगातार बढ़ रही है और दूसरी ओर किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में नया खेती सीजन शुरू होने वाला है, लेकिन हक का बोनस नहीं मिलने से किसान बेहद परेशान और नाराज दिखाई दे रहे हैं।
वर्तमान में बाजार में खाद और बीजों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। आगामी खेती सीजन की तैयारी के लिए किसानों को खेत की जुताई, बीज, खाद और अन्य कृषि सामग्री के लिए बड़ी रकम की जरूरत है। लेकिन बोनस की राशि अटक जाने से किसानों के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि खेती के लिए पैसा कहां से लाया जाए।
इसी बीच मई का आधा महीना गुजर चुका है और जून से स्कूल तथा कॉलेजों का नया शैक्षणिक सत्र भी शुरू होने वाला है। बच्चों की फीस, एडमिशन और शिक्षा से जुड़े खर्चों ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। खेती और बच्चों के भविष्य की दोहरी जिम्मेदारी के बीच किसान आर्थिक संकट में फंस गया है।
पिछले वर्ष सरकार ने प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये बोनस घोषित कर किसानों को राहत दी थी। इसी आधार पर किसानों को उम्मीद थी कि इस वर्ष भी मई महीने में बोनस की राशि मिल जाएगी। लेकिन अब तक सरकार की ओर से बोनस वितरण को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
किसानों का कहना है कि वे सरकार से भीख नहीं मांग रहे, बल्कि अपने अधिकार का बोनस मांग रहे हैं। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर बोनस नहीं मिला, तो खरीफ सीजन की तैयारी पूरी तरह प्रभावित हो सकती है। किसानों ने सरकार से जल्द से जल्द बोनस की राशि जारी करने की मांग की है।