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GONDIA : टैंकर की टक्कर से ट्यूशन जा रही मोहिनी की मौत

Desk | Gondia

गांधीटोला से साखरी टोला मार्ग पर हादसा, मेंढे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ साइकिल से ट्यूशन क्लास जा रही एक छात्रा को तेज रफ्तार टैंकर ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसकी दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा सोमवार (18 मई) सुबह करीब 6 बजे सालेकसा तहसील के साखरी टोला-गांधी टोला मार्ग पर हुआ। मृत छात्रा का नाम मोहिनी संतोष मेंढे (16 वर्ष, निवासी गांधी टोला) बताया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, मोहिनी गांधी टोला की रहने वाली थी और इस वर्ष दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रही थी। वह रोजाना साइकिल से गांधी टोला से साखरी टोला ट्यूशन और कंप्यूटर क्लास के लिए आती-जाती थी। वह साखरी टोला स्थित जिला परिषद स्कूल की छात्रा थी।

उसके पिता रोज उसे मोटरसाइकिल से ट्यूशन छोड़ने जाते थे, लेकिन सोमवार सुबह वह खुद साइकिल से ट्यूशन के लिए निकली थी। साखरी टोला से करीब आधा किलोमीटर पहले पीछे से आ रहे तेज रफ्तार टैंकर ने उसकी साइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से मोहिनी सड़क पर गिर गई और टैंकर के पिछले पहिए के नीचे आ गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इसी दौरान ट्यूशन जा रही अन्य छात्राओं ने गांव पहुंचकर मोहिनी के पिता को घटना की जानकारी दी। परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल मोहिनी को पहले एक निजी डॉक्टर के पास ले गए। हालत गंभीर होने पर उसे आमगांव रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मोहिनी की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरे गांधी टोला गांव में शोक का माहौल है।

इस मामले में सालेकसा पुलिस ने टैंकर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। संकरी सड़क बनी हादसों की वजह साखरी टोला से सालेकसा तक का मार्ग काफी संकरा होने के कारण यहां लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। गांधी टोला-साखरी टोला मार्ग पूरी तरह एकल सड़क जैसा है, जहां बड़े वाहन आने पर बाइक और साइकिल चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने सड़क चौड़ीकरण की मांग की है।

पंचायत समिति सदस्य रेखा पुंडे ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क चौड़ी नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। पढ़ाई में तेज थी मोहिनी मोहिनी ने हाल ही में नौवीं कक्षा पास कर दसवीं में प्रवेश लिया था। बोर्ड परीक्षा का साल होने के कारण उसने निजी ट्यूशन शुरू की थी। वह पढ़ाई में बेहद होशियार थी और गांव में सभी की चहेती थी। उसकी मौत से मेंढे परिवार समेत पूरा गांव गम में डूब गया।