डेस्क | Akola
एक पिता के दर्द से जन्मी सेवा की मिसाल
अकोला में थैलेसीमिया से जूझ रहे बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण बनी हरीषभाई आलिमचंदानी की पहल अब हजारों परिवारों के लिए सहारा बन चुकी है। अपने बेटे को थैलेसीमिया के कारण खोने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी, बल्कि पीड़ित बच्चों के जीवन में खुशियां लौटाने का संकल्प लिया। इसी संकल्प से “अकोला थैलेसीमिया सोसायटी” की स्थापना हुई, जो पिछले 35 वर्षों से निरंतर सेवा कर रही है।
40 मरीजों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट बना नई उम्मीद
सोसायटी के प्रयासों से अब तक 40 थैलेसीमिया मरीजों का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट कराया जा चुका है। यह उपलब्धि न केवल अकोला बल्कि पूरे पश्चिम विदर्भ के लिए गर्व की बात मानी जा रही है। महंगे इलाज और आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवारों के लिए यह मदद किसी वरदान से कम नहीं है। कई बच्चों के लिए यह उपचार “पुनर्जन्म” साबित हो रहा है।
200 से अधिक मरीजों का बना सहारा
अकोला थैलेसीमिया सोसायटी के पास वर्तमान में करीब 200 मरीजों की नोंद है। संस्था केवल रक्त उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब महंगे बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी जटिल प्रक्रिया के लिए भी आर्थिक और सामाजिक मदद जुटा रही है। संकल्प फाउंडेशन के सहयोग से कई परिवारों को नई जिंदगी मिल रही है।
रक्त की कमी से कोई इलाज न रुके, यही संकल्प
गर्मी के दिनों में रक्त की भारी कमी के बावजूद एक भी बच्चे का इलाज न रुके, इसके लिए हरीषभाई आलिमचंदानी लगातार प्रयास कर रहे हैं। डॉ. हेडगेवार ब्लड बैंक और साईजीवन ब्लड बैंक के माध्यम से नियमित रूप से रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्यकर्मी भी दिन-रात सेवा में जुटे हैं।
थैलेसीमिया डे पर बच्चों के चेहरों पर खिली मुस्कान
विश्व थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर डे केयर यूनिट में बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, पुरस्कार वितरण और स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। स्थानीय ही नहीं, बल्कि दूसरे जिलों से भी बड़ी संख्या में बच्चे और उनके माता-पिता शामिल हुए। यह केंद्र अब केवल इलाज का स्थान नहीं, बल्कि इन बच्चों के लिए खुशियों का “माहेरघर” बन चुका है।
समाजसेवा को मिला सम्मान
कार्यक्रम में दीपक भानुशाली, डॉ. मनीष पाडिया, कमल आलिमचंदानी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, डॉक्टर और थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के पालक उपस्थित रहे। सेवा और संवेदनशीलता की यह मिसाल आज पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन गई है।
