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AKOLA : शिवनी में भीषण आग, लाखों का नुकसान

Desk | Akola

शिवनी में ट्रैक्टर शोरूम और ऑइल गोदाम में भीषण आग, काबू पाने में लगे पांच घंटे ऑइल बैरल में धमाके, अग्निशमन विभाग का जवान घायल, लाखों का नुकसान शहर से सटे शिवनी इलाके में रविवार सुबह एक ट्रैक्टर शोरूम और ऑइल मिल के गोदाम में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। कॉम्प्लेक्स के भूतल पर ऑइल मिल का गोदाम था, जबकि ऊपरी मंजिल पर ट्रैक्टर शोरूम संचालित किया जा रहा था। इसी कारण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम में बड़ी मात्रा में रखे ऑइल के बैरल, ट्रैक्टर के टायर और अन्य ज्वलनशील सामग्री ने आग को और भड़काने का काम किया। देखते ही देखते परिसर से धुएं के काले गुबार आसमान में फैलने लगे, जिससे आसपास के नागरिकों में भय का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलते ही महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया। अग्निशमन दल के जवानों ने जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सका। इस दौरान अत्यधिक गर्मी के कारण गोदाम में रखे कुछ ऑइल बैरल में छोटे-छोटे धमाके भी हुए, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। धमाकों की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के आसपास जमा हो गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तत्काल इलाके को खाली कराया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। एमआईडीसी पुलिस स्टेशन के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे, वहीं यातायात विभाग ने आसपास की सड़कों पर ट्रैफिक डायवर्ट कर यातायात सुचारु करने का प्रयास किया। कुछ समय के लिए इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग में ऑइल मिल का गोदाम, ट्रैक्टर शोरूम का सामान, टायर और ऑइल के कई बैरल जलकर खाक हो गए हैं। इस हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग बुझाने के दौरान अग्निशमन विभाग का एक जवान घायल भी हो गया। उसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। फिलहाल संबंधित विभाग आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या अन्य तकनीकी कारणों को आग लगने की वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।