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BHANDARA : पानी के लिए तरस रहा बघेडा गांव

Desk | Bhandara

तुमसर तहसील के बघेडा गांव में आज भी ग्रामीणों को पीने के शुद्ध पानी के लिए भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी गांव में पेयजल की स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि गांव की महिलाएं रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलकर पानी लाने को मजबूर हैं। सिर पर बर्तन और हाथों में बाल्टियां लेकर तपती धूप में पानी के लिए भटकती महिलाओं की तस्वीरें प्रशासन के विकास दावों की पोल खोल रही हैं। करीब ढाई हजार की आबादी वाले बघेडा गांव में पानी की समस्या वर्षों पुरानी बताई जा रही है। गांव में कई कुएं मौजूद हैं, लेकिन उनमें भरा पानी खारा होने के कारण पीने योग्य नहीं है। मजबूरी में पूरा गांव गांव से बाहर स्थित एकमात्र मीठे पानी की बोरवेल पर निर्भर है। यही बोरवेल गांववासियों के लिए जीवनरेखा बनी हुई है। सुबह होते ही यहां महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार पानी भरने के लिए घंटों तक इंतजार करना पड़ता है।

भीषण गर्मी के कारण हालात और भी बदतर हो गए हैं। तापमान 45 डिग्री के पार पहुंचने से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, लेकिन पानी की जरूरत के कारण महिलाएं तेज धूप में भी लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं। कई महिलाओं ने बताया कि दिन का बड़ा हिस्सा केवल पानी लाने में ही निकल जाता है। इससे घर के अन्य कामकाज और बच्चों की देखभाल भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत, जलापूर्ति विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायतें दी गईं। गांव में पेयजल योजना शुरू करने, नई बोरवेल लगाने और टैंकर से पानी उपलब्ध कराने की मांग भी बार-बार उठाई गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिले। आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि हर चुनाव में नेताओं द्वारा पानी की समस्या दूर करने के बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही गांव की ओर कोई ध्यान नहीं देता। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में स्थायी पेयजल योजना लागू की जाए, नई बोरवेल और पानी की टंकियां बनाई जाएं तथा नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को इस भीषण गर्मी में राहत मिल सके। फिलहाल बघेडा गांव के लोग पानी की हर बूंद के लिए संघर्ष कर रहे हैं और प्रशासन से जल्द मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।