Desk | Nagpur
पाचगांव (तहसील उमरेड) पुलिस ने सोमवार (18 तारीख) को पाचगांव क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे तीन टिप्परों को पकड़ा। इस मामले में टिप्पर चालकों और मालिकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 1 करोड़ 11 लाख 47 हजार 500 रुपये का माल जब्त किया है। जानकारी के अनुसार, गडचिरोली-भिवापुर-उमरेड-नागपुर महामार्ग पर नागपुर शहर की ओर रेत ले जाने की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पाचगांव पुलिस ने ढाबे के पास नाकाबंदी कर भारी वाहनों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान एमएच-49/सीडब्ल्यू-2807, एमएच-49/सीएफ-2112 और एमएच-49/एटी-7235 नंबर के तीन टिप्परों को रोककर तलाशी ली गई। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि तीनों टिप्परों में रॉयल्टी से अधिक रेत भरी हुई थी। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कर टिप्पर मालिक मधुकर गणपत भाजीपाले (66, साईबाबा नगर, खरबी, नागपुर), धीरज ढोबळे (हुडकेश्वर रोड, नागपुर), शमीर बकराईद अंसारी (साईबाबा नगर, खरबी, नागपुर) तथा चालक अमजद कमलउद्दीन अंसारी (45, रोशनबाग, खरबी, नागपुर), धारा भावसिंग ईवनाते (28, साईबाबा नगर, नागपुर) और फैज अजीज अंसारी (23, रोशनबाग, खरबी, नागपुर) के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस को पहले टिप्पर में 2.5 ब्रास, दूसरे में 1.5 ब्रास और तीसरे में 1.5 ब्रास रेत तय रॉयल्टी से अधिक मिली। कार्रवाई के दौरान तीन टिप्पर और 29.5 ब्रास रेत सहित कुल 1 करोड़ 11 लाख 47 हजार 500 रुपये का माल जब्त किया गया।
हालांकि यह रेत किस घाट से लाई गई थी और घाट मालिकों ने क्षमता से अधिक रेत क्यों दी, इसे लेकर पुलिस ने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। नागरिकों ने मांग की है कि रेत चोरी के मामलों में घाट मालिकों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), महाराष्ट्र जमीन महसूल अधिनियम 1966, खनिज विकास एवं नियमन अधिनियम 1957, पर्यावरण अधिनियम, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान प्रतिबंध अधिनियम 1984 तथा मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
