Desk | Gondia
आमगांव मार्ग पर सोनी-नोनीटोला फाटे पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से 30 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना मंगलवार (19 मई) दोपहर के समय हुई। हादसे के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। पिछले एक वर्ष में यह इस क्षेत्र की छठी बड़ी दुर्घटना बताई जा रही है। ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर करीब छह घंटे तक रास्ता रोको आंदोलन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। मृत युवक का नाम अनिल हरिणखेड़े (उम्र 30 वर्ष) बताया गया है।
जानकारी के अनुसार, अनिल मंगलवार को अपनी बाइक से नोनीटोला से सोनी की ओर जा रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रहे ट्रक क्रमांक MH 35 AJ 4970 ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। हादसे के बाद सोनी और नोनीटोला गांव के गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर रास्ता रोको आंदोलन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने मांग की कि मृतक के परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने यह भी चेतावनी दी कि सहायता मिलने तक शव को घटनास्थल से नहीं हटाया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि सोनी-नोनीटोला फाटा अब दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र बन चुका है। पिछले एक साल में यहां छह गंभीर हादसे हो चुके हैं। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, खराब मरम्मत और सड़क किनारे लगे कठड़े दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।
नागरिकों ने संबंधित विभाग से तुरंत सुधार कार्य कराने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मौके पर कड़ा बंदोबस्त तैनात किया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थी। आंदोलन के कारण कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा। शाम करीब 5 बजे भाजपा जिलाध्यक्ष सीता रहांगडाले, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष पंकज रहांगडाले और जीडीसीसी बैंक के संचालक दुर्गाप्रसाद ठाकरे ने पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों से चर्चा की। प्रशासन की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन वापस ले लिया।
