डेस्क | Amravati
संकीर्ण सड़क बनी दर्दनाक हादसे की वजह
अर्जुननगर इलाके में गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। तेज रफ्तार टिप्पर की टक्कर में दोपहिया वाहन चालक सुनील देशमुख के दोनों पैर पूरी तरह बेकार हो गए। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन की गलत योजना और बढ़ते ट्रैफिक ने इस दर्दनाक हादसे को जन्म दिया।
घर लौटते वक्त पलभर में बदल गई जिंदगी
श्री शिवाजी शिक्षण संस्था में कार्यरत सुनील देशमुख रोज की तरह कार्यालय से घर लौट रहे थे। अर्जुननगर के हनुमान मंदिर क्षेत्र में अचानक एक तेज रफ्तार टिप्पर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। सड़क इतनी संकरी थी कि उन्हें बचने तक की जगह नहीं मिली। टक्कर के बाद वह सीधे टिप्पर के पहियों के नीचे आ गए और उनके दोनों पैरों का बुरी तरह चकनाचूर हो गया।
अस्पताल में जिंदगी की जंग जारी
गंभीर रूप से घायल सुनील देशमुख को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनके दोनों पैर पूरी तरह निष्क्रिय हो चुके हैं। इस हादसे ने देशमुख परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।
बिल्डरों के फायदे के लिए निगले गए रास्ते?
हादसे के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा प्रशासन पर फूट पड़ा। नागरिकों ने आरोप लगाया कि बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देते समय पुराने रास्तों को खत्म कर बिल्डरों को फायदा पहुंचाया गया। “सृष्टी रॉयल पार्क” जैसे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देते वक्त नगररचना विभाग ने आम नागरिकों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया।
वैकल्पिक रास्ता होता तो टल सकता था हादसा
स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, अर्जुननगर की पानी टंकी से ‘एसएसडी बंगला’ क्षेत्र तक जाने वाला वैकल्पिक रास्ता नक्शे में मौजूद है, लेकिन उसे आज तक शुरू नहीं किया गया। यदि यह मार्ग चालू होता, तो मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाता और शायद सुनील देशमुख इस दर्दनाक हादसे का शिकार नहीं होते।
प्रशासन के खिलाफ लोगों में भारी आक्रोश
इस हादसे के बाद पूरे अर्जुननगर क्षेत्र में गुस्से का माहौल है। नागरिकों ने नगररचना विभाग और प्रशासन की भूमिका की जांच की मांग की है। लोगों का सवाल है कि “आखिर प्रशासन की लापरवाही और गलत नियोजन की कीमत आम जनता कब तक चुकाती रहेगी?”
