डेस्क | Bhandara
जनता के हक के लिए सड़क पर उतरी युवक कांग्रेस
लाखांदूर में जनता की आवाज को दबाने की कोशिश उस वक्त प्रशासन पर भारी पड़ गई, जब युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के गेट पर ही जोरदार धरना आंदोलन छेड़ दिया। सड़क की बदहाल स्थिति और प्रशासन की बेरुखी से परेशान लोगों के लिए लड़ रही युवक कांग्रेस ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए अधिकारियों को आखिरकार झुकने पर मजबूर कर दिया।
9 किलोमीटर की सड़क बनी मौत का रास्ता
पुयार–मडेघाट–लाखांदूर मार्ग की करीब 9 किलोमीटर सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। हर दिन लोग अपनी जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर हैं। इसी गंभीर समस्या को लेकर युवक कांग्रेस तहसीलदार के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने पहुंची थी। लेकिन आरोप है कि नायब तहसीलदार द्वारा ज्ञापन लेने में टालमटोल और अपमानजनक व्यवहार किया गया।
तहसील गेट पर फूटा कार्यकर्ताओं का गुस्सा
इससे नाराज़ युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर ही धरना देकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। “जनता की आवाज दबाने नहीं देंगे” के नारों से पूरा तहसील परिसर गूंज उठा। आंदोलन का नेतृत्व प्रकाश देशमुख ने किया, जबकि आशिष शहारे सहित कई पदाधिकारी आंदोलन में डटे रहे।
आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा
युवक कांग्रेस के आक्रामक आंदोलन से आखिरकार तहसील प्रशासन हिल गया। नायब तहसीलदार धाकाते और अनिल पवार को खुद आंदोलन स्थल पर आना पड़ा। गेट पर पहुंचकर ज्ञापन स्वीकार करने के बाद ही आंदोलन समाप्त हुआ।
16 जून को ‘रास्ता रोको’ की चेतावनी
युवक कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सड़क की समस्या जल्द हल नहीं हुई, तो 16 जून को बड़ा “रास्ता रोको आंदोलन” किया जाएगा। जनता के हक के लिए सड़क पर उतरी युवक कांग्रेस की इस लड़ाई की पूरे क्षेत्र में जोरदार चर्चा हो रही है।
