डेस्क | Gadchiroli
गढ़चिरौली जिले से पिछले कुछ महीनों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और समय पर उपचार न मिलने के कारण महिलाओं की मृत्यु की कई दुखद खबरें सामने आई हैं:
ताजा घटनाक्रम (2026)
अस्पताल में तड़पकर मौत (जनवरी 2026):
एक सड़क हादसे में घायल महिला की गढ़चिरौली जिला सामान्य अस्पताल में कथित तौर पर समय पर इलाज न मिलने के कारण मौत हो गई। वह लगभग डेढ़ घंटे तक अस्पताल में दर्द से तड़पती रही, लेकिन उपचार शुरू नहीं हुआ। इस घटना के बाद स्थानीय विधायक डॉ. मिलिंद नरोटे ने अस्पताल का दौरा कर लापरवाह कर्मियों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
गर्भवती महिला और नवजात की मौत (अप्रैल 2026):
कोरची तालुका के हुडूकदुमा गांव की 24 वर्षीय गरोदर माता रमुला काटेंन्गे और उसके बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि आशा वर्कर की लापरवाही और अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण यह हादसा हुआ।
6 किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर (जनवरी 2026):
एटापल्ली तालुका के आलदंडी टोला की एक 24 वर्षीय गर्भवती महिला, आशा संतोष किरंगा को सड़क और एम्बुलेंस की सुविधा न होने के कारण जंगल के रास्ते 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। अस्पताल पहुंचने में हुई देरी के कारण मां और अजन्मे बच्चे दोनों की मौत हो गई। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया कि परिवार उसे अस्पताल ले जाने के बजाय पुजारी के पास ले गया था।
मुख्य कारण और चुनौतियां
प्रशासनिक लापरवाही:
जिला महिला एवं बाल अस्पताल के सामने अतिक्रमण के कारण एम्बुलेंस के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है, जिससे आपातकालीन स्थितियों में देरी होती है।
सुविधाओं का अभाव:
ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी, पर्याप्त चिकित्सा उपकरण न होना और खराब सड़कों के कारण मरीजों को समय पर सहायता नहीं मिल पाती है।
चिकित्सा लापरवाही के आरोप:
मार्च 2026 में भी जिला अस्पताल में एक 11 महीने की बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए थे।
