डेस्क | Nagpur
आठ दशकों की मजबूत परंपरा और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध लक्ष्मीनारायण अभिनव प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एलआईटी) अब नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार है। भविष्य में भी देश ही नहीं, बल्कि दुनिया को उत्कृष्ट इंजीनियर देने का कार्य यह संस्था और अधिक मजबूती से करेगी, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया।
रविवार को एलआईटी के प्रस्तावित भव्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संकुल का भूमिपूजन मुख्यमंत्री फडणवीस के हाथों संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे, महापौर नीता ठाकरे, विधायक विकास ठाकरे, विधायक कृपाल तुमाने, मुख्य सूचना आयुक्त राहुल पांडे, पूर्व महापौर दयाशंकर तिवारी, नियामक मंडल के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ. जी. डी. यादव, कुलगुरु डॉ. अतुल वैद्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ वर्ष पहले इस संस्था को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया था और अब यहां अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इससे एलआईटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि नए पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं, अटल स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की स्थापना की जा रही है और जल्द ही पुणे कैंपस भी शुरू होगा।
कुलगुरु डॉ. अतुल वैद्य ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए कई पहलें की जा रही हैं। उद्देश्य है कि विद्यार्थियों को आधुनिक और वैश्विक स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।
💰 223 करोड़ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट
करीब 223 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसमें छात्राओं के लिए हॉस्टल, छात्रों के लिए हॉस्टल, पेट्रोकेमिकल लैब, कैंटीन और प्रशासनिक भवन शामिल हैं। 2024 में घोषित इस परियोजना को 2028 के मध्य तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस भव्य प्रकल्प के पूरा होने के बाद एलआईटी की शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक क्षमता में बड़ा सुधार होगा और नागपुर को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान मिलने की संभावना है।
