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…तब मनपा आयुक्त सो रहे थे, अब नोटिस-नोटिस खेल रहे?

सांसद ने हिराई समारोह को किया बदनाम, आदिवासी समाज में तीव्र विरोध – अल्का आत्राम का आरोप

चंद्रपुर।
गत 20 अप्रैल 2026 को चंद्रपुर के कोहिनूर मैदान में आयोजित राजमाता रानी हिराई जन्मोत्सव को ’सुसंपन्न सम्मेलन’ लिखने वाली सम्माननीय स्थानीय सांसद प्रतिभा धानोरकर का कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन का मामला अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में डूबता चला जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में अनेक चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सबसे अधिक हैरत करने वाली बात तो यह है कि चंद्रपुर मनपा आयुक्त अकुनूरी नरेश, जो स्वयं इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर मौजूद थे, उन्होंने कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन की घटित हो रही घटना पर चुप्पी साध ली। उनकी यह चुप्पी या तो समर्थन दे रही थी या वे इस घटना के समय आँखें बंद किए हुए थे। जब इस प्रकरण की शिकायत सांसद धानोरकर द्वारा लोकसभा अध्यक्ष तक पहुँची, तो अचानक उन्हें मंच पर घटित हुए प्रकरण पर नींद खुल गई और वे अब 6 छोटे अधिकारी-कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाते हुए उन पर कार्रवाई करने के लिए नोटिस थमा गए। जबकि असली कार्रवाई तो मनपा के मुखिया आयुक्त महोदय पर होनी चाहिए, क्योंकि मंच पर घटित होने वाली प्रत्येक अनुचित घटना के लिए मुखिया को ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

इन हालातों में आज इस प्रकरण को राजनीतिक रंग जमकर चढ़ गया। शुरुआत में कार्यक्रम के बाद सांसद धानोरकर ने जिस तरह से आरोपों की झड़ी लगाई थी, उसका तीखा जवाब भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महासचिव अल्का आत्राम ने दे दिया। उनके इस तीखे हमले में उन्होंने सांसद धानोरकर पर हिराई महोत्सव को बदनाम करने एवं बेबुनियाद आरोप लगाने की बात कही है।