Desk | Bhandara
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ईंधन बचत के साथ-साथ दैनिक भोजन में खाद्य तेल के उपयोग को 10 प्रतिशत तक कम करने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे जहां लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा, वहीं देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी बचेगा। जिले की जनसंख्या को देखते हुए यहां प्रतिदिन लगभग 40 से 45 हजार लीटर खाद्य तेल की खपत होती है। ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या भंडारावासियों द्वारा तेल के उपयोग में 10 प्रतिशत कटौती की जाएगी? तेल आयात पर खर्च होती है भारी विदेशी मुद्रा भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 से 65 प्रतिशत खाद्य तेल विदेशों से आयात करता है। इसके लिए हर साल अरबों रुपये की विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है।
यदि हर नागरिक अपने भोजन में तेल का उपयोग 10 प्रतिशत कम कर दे, तो आयात का बोझ घटेगा और देश की करोड़ों रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हो सकेगी। तीन महीनों में 15 से 20 रुपये महंगा हुआ तेल पिछले तीन महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और परिवहन खर्च बढ़ने के कारण खाद्य तेल की कीमतों में प्रति लीटर 15 से 20 रुपये तक की वृद्धि हुई है। बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में तेल की बचत का फैसला जेब के लिए भी राहत देने वाला साबित हो सकता है। एक व्यक्ति को कितना तेल खाना चाहिए? विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को महीनेभर में केवल 500 मिलीलीटर तेल की आवश्यकता होती है।
यानी प्रतिदिन 15 से 20 ग्राम से अधिक तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। लेकिन वर्तमान खानपान और तले हुए खाद्य पदार्थों की बढ़ती आदतों के कारण तेल का उपयोग लगभग दोगुना हो गया है। खाद्य तेल के वर्तमान दाम सोयाबीन तेल 165 रुपये प्रति लीटर सूरजमुखी तेल – 195 रुपये प्रति लीटर मूंगफली तेल – 200 रुपये प्रति लीटर प्रधानमंत्री का 10 प्रतिशत कम तेल उपयोग का संदेश प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से अपने दैनिक भोजन में कम से कम 10 प्रतिशत खाद्य तेल का उपयोग घटाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह केवल आर्थिक बचत का मामला नहीं, बल्कि देशहित और नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में उठाया गया कदम है। उनके इस संदेश को गंभीरता से लेने की आवश्यकता बताई जा रही है। जिले में रोजाना 45 हजार लीटर तक खपत जिले की आबादी को देखते हुए प्रतिदिन 40 से 45 हजार लीटर से अधिक खाद्य तेल की खपत होती है।
इसमें घरेलू उपयोग के साथ होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई दुकानों का उपयोग भी शामिल है। एक परिवार को महीने में कितने तेल की जरूरत? सामान्यतः 4 से 5 सदस्यों वाले एक मध्यमवर्गीय परिवार को हर महीने औसतन 4 से 5 लीटर खाद्य तेल की आवश्यकता होती है। त्योहारों या तले हुए पदार्थों के अधिक उपयोग के दौरान यह खपत 6 लीटर तक पहुंच जाती है। हर महीने 500 से 700 मिलीलीटर तक बचत संभव प्रधानमंत्री की अपील के अनुसार यदि हर परिवार अपने तेल उपयोग में 10 प्रतिशत की कटौती करे, तो एक परिवार हर महीने आसानी से 500 से 700 मिलीलीटर तक तेल की बचत कर सकता है।
