Desk | Gadchiroli
आरमोरी तहसील के डार्ली गांव में गुरुवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने एक किसान की महीनों की मेहनत पलभर में राख कर दी। गांव के किसान भास्कर पुंडलिक लकड़े के खेत में जमा किया गया मक्का आग की चपेट में आकर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस हादसे में करीब तीन एकड़ खेत की फसल नष्ट हो गई, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। गर्मी के मौसम में खेतों में सूखा घास, पत्तियां और कचरा होने के कारण आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इसी दौरान 21 मई की दोपहर डार्ली गांव के आसपास अचानक भीषण वणवा भड़क उठा।
तेज धूप और तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और तेजी से खेतों की ओर फैलने लगी। किसान भास्कर लकड़े ने इस वर्ष अपने तीन एकड़ खेत में बड़ी मेहनत और खर्च के साथ मक्के की खेती की थी। फसल अच्छी तैयार हुई थी और कटाई के बाद मक्के के भुट्टों को खेत में ही एक बड़े ढेर के रूप में जमा करके रखा गया था। किसान को उम्मीद थी कि इस बार अच्छी उपज मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन अचानक लगी आग ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेज थी कि देखते ही देखते पूरे खेत को अपनी चपेट में ले लिया। खेत में सूखा पालापाचोला और घास अधिक मात्रा में होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आसपास के ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के कारण आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। जब तक लोग मौके पर पहुंचते, तब तक मक्के का पूरा ढेर जलकर राख हो चुका था। इस घटना से गांव में चिंता का माहौल है। किसानों का कहना है कि गर्मी के दिनों में छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का पंचनामा कर आर्थिक सहायता देने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने खेतों के आसपास आग और सूखे कचरे को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है।
