Top 5 This Week

Related Posts

WARDHA : रोज हजारों लीटर तेल की खपत

Desk | Wardha

रोज हजारों लीटर तेल की खपत; क्या नागरिक करेंगे 10 प्रतिशत कटौती? ईंधन संकट और महंगाई के बीच खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील खाड़ी देशों में युद्ध जैसे हालात के बाद ईंधन और तेल की कमी से महंगाई तेजी से बढ़ गई है। इसी पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से ईंधन बचत के साथ-साथ रोजाना के भोजन में खाद्य तेल का उपयोग 10 प्रतिशत कम करने की अपील की है। इससे स्वास्थ्य को लाभ होने के साथ विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। वर्धा शहर में प्रतिदिन लगभग 40 से 50 हजार लीटर खाद्य तेल की बिक्री होती है।

इस कारोबार से बड़ी आर्थिक उलाढाल भी होती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अब तेल की खरीद और बिक्री में कमी आएगी? ईंधन संकट, परिवहन खर्च और कच्चे माल की उपलब्धता पर असर पड़ने से खाद्य तेलों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। इस महंगाई ने आम नागरिकों और गृहिणियों का मासिक बजट बिगाड़ दिया है। आहार विशेषज्ञों के अनुसार, एक व्यक्ति को महीने में लगभग डेढ़ से दो लीटर तेल का उपयोग करना चाहिए, लेकिन यह मात्रा 50 प्रतिशत तक कम होना बेहतर माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रति व्यक्ति आधा से पौन लीटर तेल का उपयोग अधिक स्वास्थ्यवर्धक है। सोयाबीन तेल के दाम पिछले दो-तीन दिनों में प्रति किलो लगभग 3 रुपये बढ़े हैं और इसका भाव 165 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गया है। वहीं नारियल तेल सहित अन्य खाद्य तेलों के दाम भी बढ़ गए हैं।

व्यापारियों के मुताबिक पिछले एक महीने में लगभग सभी प्रकार के तेल महंगे हुए हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि तेल का अधिक सेवन कई बीमारियों को न्योता देता है। अधिक तेल वाले भोजन से हृदय रोग, मधुमेह, अस्थमा, मोटापा, शरीर में चर्बी बढ़ना और पित्त जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नागरिकों को सीमित मात्रा में तेल का उपयोग करने की सलाह दी गई है। तिल, नारियल, सूरजमुखी, मूंगफली, सरसों, अलसी और राइस ब्रान तेल का उपयोग स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार इन तेलों का बारी-बारी से उपयोग करना फायदेमंद होता है, जबकि सूरजमुखी तेल सभी के लिए अधिक स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। वर्धा और आसपास के क्षेत्रों में रिफाइंड समेत विभिन्न प्रकार के खाद्य तेलों की बिक्री 40 से अधिक बड़े दुकानों और सैकड़ों किराना दुकानों के माध्यम से होती है। शहर में रोजाना औसतन 40 से 50 हजार लीटर तेल की बिक्री होने का अनुमान है।