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मोबाइल की रोशनी में ग्रामीण अस्पताल में हुआ इलाज; तई गांव के युवाओं ने दिखाई इंसानियत बारव्हा से तई मार्ग होते हुए नागपुर जा रहे बारातियों की स्कॉर्पियो गाड़ी का तई-बोथली फाटा के पास भीषण हादसा हो गया। मोड़ पर चालक का नियंत्रण खोने से वाहन सड़क किनारे पलट गया। इस हादसे में सात बाराती गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना बुधवार आधी रात के करीब लाखांदूर तहसील के तई-बोथली फाटा पर हुई।हादसे के तुरंत बाद आसपास के युवाओं ने मौके पर पहुंचकर घायलों को वाहन से बाहर निकाला। तई गांव के युवाओं ने मानवता का परिचय देते हुए सभी घायलों को तत्काल पालांदूर ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उसी समय आए तेज आंधी-तूफान और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे अस्पताल अंधेरे में डूब गया।जानकारी के अनुसार घायलों में पंकज शामराव मेंढे (45), शीतल पंकज मेंढे (40), माधुरी ईश्वरदास भेंडारकर (58), छाया भूपेश ब्राह्मणकर (45), रेखा केवळराम हेमने (63), केवळराम भदूजी हेमने (72) और यशस्वी प्रकाश मेंढे (12) शामिल हैं। सभी घायल नागपुर निवासी हैं और विवाह समारोह में शामिल होने गए थे। दुर्घटनाग्रस्त स्कॉर्पियो का नंबर MH 31 DK 2582 बताया गया है
मोबाइल टॉर्च और हेडलाइट की रोशनी में हुआ इलाज
ग्रामीण अस्पताल में बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई। वैद्यकीय अधिकारी डॉ. श्रीरामे और उनकी टीम ने मोबाइल टॉर्च और चारपहिया वाहनों की हेडलाइट की रोशनी में घायलों का प्राथमिक उपचार किया। इसके बाद सभी घायलों को आगे के इलाज के लिए सामान्य अस्पताल, भंडारा रेफर किया गया|
ग्रामीण अस्पताल के लिए अलग बिजली व्यवस्था की मांग
पालांदूर ग्रामीण अस्पताल में बार-बार बिजली कटौती होने से मरीजों की सेवा प्रभावित हो रही है। पिछले 20 महीनों से अस्पताल के लिए अलग विद्युत फीडर, जनरेटर और इन्वर्टर की मांग की जा रही है, लेकिन फंड की कमी के कारण यह मुद्दा अब तक लंबित है। इस घटना ने एक बार फिर आपातकालीन स्थिति में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल तस्वीर सामने ला दी है।अस्पताल प्रशासन ने पालांदूर ग्रामीण अस्पताल के लिए अलग जनरेटर और मजबूत बिजली व्यवस्था की मांग वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखी है और इस संबंध में पत्राचार भी किया गया है।
