डेस्क | मुंबई
महाराष्ट्र की राजनीति में इस समय बड़ा घमासान देखने को मिल रहा है। नीलम गोऱ्हे और बच्चू कडू के नाम को लेकर शिवसेना के अंदर ही विरोध शुरू हो गया है। विधान परिषद चुनाव से पहले पार्टी के कई नेता इन दोनों नामों पर आपत्ति जता रहे हैं।
⚡ विधान परिषद टिकट पर विवाद
जानकारी के अनुसार, शिवसेना (शिंदे गुट) की तरफ से विधान परिषद के लिए इन दोनों नेताओं के नाम पर चर्चा चल रही है। लेकिन पार्टी के कुछ मंत्री और नेता चाहते हैं कि नए चेहरों को मौका दिया जाए, जिससे विवाद और बढ़ गया है।
🧩 बच्चू कडू के लिए शर्त भी सामने
खबरों के मुताबिक, बच्चू कडू को टिकट देने के बदले उनकी प्रहार संगठन को शिवसेना में विलय करने की शर्त रखी गई है। इस मुद्दे ने राजनीतिक समीकरण और भी जटिल कर दिए हैं।
🔥 पार्टी में बगावत के संकेत
इन नामों को लेकर शिवसेना के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। कई नेता खुलकर विरोध कर रहे हैं, जिससे पार्टी में अंदरूनी बगावत की स्थिति बनती दिख रही है।
📊 चुनावी समीकरण पर असर
आगामी विधान परिषद चुनाव (12 मई 2026) को देखते हुए यह विवाद बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर मतभेद बढ़ते हैं, तो इसका सीधा असर चुनावी रणनीति और परिणामों पर पड़ सकता है।
👉 सियासी तूफान
नीलम गोऱ्हे और बच्चू कडू के नाम ने शिवसेना के अंदर ही सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। अब सबकी नजर इस पर है कि अंतिम फैसला क्या होता है और इसका महाराष्ट्र की राजनीति पर कितना बड़ा असर पड़ेगा।
