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BHANDARA : भंडारा में ट्रैक्टर मोर्चे की तैयारी, धान किसानों ने उठाई मांग !

Desk | bhandra

पूर्व विदर्भ के धान उत्पादक किसानों के लिए भारतीय किसान संघ का आंदोलन; 5 अक्टूबर को साकोली में ट्रैक्टर मोर्चा भंडारा : पूर्व विदर्भ के धान उत्पादक किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने आक्रामक रुख अपनाया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ ने धान उत्पादक किसानों को उत्पादन लागत के आधार पर लाभकारी भाव और घोषित बोनस दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। किसानों की मांगों को लेकर संघ अब सड़क पर उतरने की तैयारी में है। भारतीय किसान संघ का कहना है कि केंद्र और महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बावजूद किसानों के मुद्दों को लेकर संगठन अपनी भूमिका स्पष्ट रूप से सामने रख रहा है। किसान संघ के मुताबिक, सरकार किसी भी विचारधारा से जुड़ी हो, लेकिन किसानों के हित और उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाना संगठन की प्राथमिकता है। पूर्व विदर्भ के भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर, गडचिरोली और नागपुर जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। इन धान उत्पादक किसानों को अब तक घोषित बोनस और अनुदान की राशि नहीं मिलने का मुद्दा किसान संघ ने उठाया है। संगठन का दावा है कि बोनस की घोषणा के बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी किसानों को राशि नहीं मिली है। भारतीय किसान संघ की प्रमुख मांग है कि धान उत्पादक किसानों को उनकी फसल के उत्पादन खर्च को ध्यान में रखते हुए लाभकारी दर मिले। साथ ही सरकार द्वारा घोषित बोनस की राशि भी किसानों को जल्द से जल्द दी जाए। संगठन ने छत्तीसगढ़ की तर्ज पर पूर्व विदर्भ के धान उत्पादक किसानों के लिए भी प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इसी मांग को लेकर 5 अक्टूबर को भंडारा जिले के साकोली में किसानों का भव्य ट्रैक्टर मोर्चा आयोजित किया जाएगा। इस मोर्चे के जरिए सरकार का ध्यान धान उत्पादक किसानों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने की तैयारी है। भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से धान उत्पादकों को सहायता राशि के रूप में बोनस दिया जाता रहा है। लेकिन इस वर्ष सात से आठ महीने का समय बीत जाने के बाद भी किसानों को बोनस नहीं मिला है। ऐसे में किसानों के बीच नाराजगी है और इसी मुद्दे को लेकर किसान संघ ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। किसान संघ ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के सवालों को लेकर है।

संगठन के मुताबिक, केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बावजूद किसानों के मुद्दों पर सरकार के सामने अपनी मांग रखना जरूरी है। अब 5 अक्टूबर को साकोली में होने वाले ट्रैक्टर मोर्चे पर सबकी नजर रहेगी। पूर्व विदर्भ के धान उत्पादक किसानों की बोनस, अनुदान और लाभकारी भाव की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ का यह आंदोलन आगे क्या रूप लेता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।