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NAGPUR : नगरसेवक के घर गोलीबारी का खुलासा, 7 आरोपी गिरफ्तार !

Desk | nagpur 

नगरसेवक के घर फायरिंग मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 आरोपी गिरफ्तार; मुख्य सूत्रधार अब भी फरार नागपुर : भांडेवाड़ी थाना क्षेत्र में नगरसेवक शुभम शेषराव मोठघरे के घर पर हुई फायरिंग के मामले में नागपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 80 हजार रुपये कीमत के आठ एंड्राइड मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। हालांकि, इस पूरी वारदात का मुख्य सूत्रधार और एक महिला आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। जानकारी के मुताबिक, 26 अगस्त की रात करीब 12 बजकर 42 मिनट पर वाठोड़ा लेआउट के श्रावण नगर परिसर में शुभम मोठघरे के घर को निशाना बनाकर फायरिंग की गई थी। फायरिंग के दौरान गोली बालकनी की रेलिंग में लगे कांच से टकराई। इसके बाद कांच टूटकर घर के अंदर जा गिरा। घटना के समय शुभम मोठघरे घर के हॉल में मौजूद थे। तेज आवाज सुनने के बाद उन्होंने बाहर जाकर देखा और तत्काल डायल 112 पर पुलिस को घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी। घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। जांच के दौरान खंडवानी टाउन रोड से स्वामी नारायण मंदिर की ओर जाती एक मोपेड सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दी। पुलिस के मुताबिक, इस मोपेड पर दो लोग सवार थे और पीछे बैठे आरोपी ने नगरसेवक के घर की बालकनी की ओर गोली चलाई थी। जांच के लिए क्राइम ब्रांच की अलग-अलग यूनिट और साइबर सेल समेत कुल सात टीमें गठित की गईं। पुलिस ने 500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। इसके साथ ही एआई तकनीक की मदद से संदिग्धों की पहचान करने में सफलता हासिल की। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी गुजरात और छत्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर छिपे हुए थे। पुलिस टीमों ने कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकुश झनक उर्फ टोमस्कर, अमित मधुकर ठाकरे, ऋषभ उर्फ छोट्या विशाल नागदेवे, रोहित उर्फ पुल्या मुनेश्वर वाहने, ऋषभ उर्फ कांचा भगवती पैथल, केतन दुर्गाप्रसाद माटे और कार्तिक बबलू टोमस्कर के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि दहशत फैलाने के उद्देश्य से सुपारी देकर फायरिंग की साजिश रची गई थी। वारदात से पहले सभी आरोपी एक जगह इकट्ठा हुए थे और कथित तौर पर सभी की भूमिका तय की गई थी।

पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता परिसर में कथित तस्करी से जुड़े कुछ लोगों की गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देते थे। इसी बात को लेकर बदले की भावना से फायरिंग की साजिश रचे जाने की आशंका है। हालांकि, फायरिंग के पीछे की वास्तविक वजह और पूरी साजिश का खुलासा मुख्य सूत्रधार की गिरफ्तारी के बाद ही होने की संभावना है।   पुलिस अब फरार मुख्य सूत्रधार और महिला आरोपी की तलाश में जुटी है। साथ ही, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर फायरिंग के पीछे की पूरी साजिश और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।