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Bhandara : बागी विधायकों के घर पहुंचा ‘व्हिप’

■ मोहाडी पंचायत समिति में सियासी भूचाल, दल-बदल करने वालों की बढ़ी धड़कनें!

Desk । Bhandara (मोहाडी):
मोहाडी पंचायत समिति के सभापति और उपसभापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दाखिल होने के बाद से क्षेत्र का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मतदान में अब महज दो दिन का समय बचा है। ऐसे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गुट नेता (गटनेते) और महायुति के मुख्य सचेतक (प्रतोद) रितेश वासनिक ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। उन्होंने पार्टी अनुशासन का डंडा चलाते हुए बागी सदस्यों के घर-घर जाकर खुद ‘व्हिप’ (आधिकारिक आदेश) थमाया है, जिससे बागियों पर चौतरफा दबाव बढ़ गया है।

■ सभी दिग्गजों को थमाया फरमान
जारी किए गए व्हिप में साफ निर्देश दिया गया है कि अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान सभी सदस्यों को पार्टी की आधिकारिक भूमिका के अनुसार ही वोट करना होगा। पार्टी लाइन को चुनौती देने वाले बागी सदस्य बाणा सव्वालाखे, उमेश भोंगाडे, आशा बोंद्रे और वंदना सोयाम के साथ-साथ खुद सभापति जगदीश शेंडे, उपसभापति रेवानंद चकोले, प्रीति शेंडे और स्वयं गुट नेता रितेश वासनिक को भी यह व्हिप तामिल कराया गया है।
सियासी हलचल: इस अविश्वास प्रस्ताव ने मोहाडी पंचायत समिति के पूरे सत्ता समीकरण को हिलाकर रख दिया है और गठबंधन की गणित पूरी तरह गड्डमड्ड हो चुकी है।

■ जब ‘सीक्रेट टूर’ पर गए सदस्यों के दरवाजों और WhatsApp पर चिपका ‘व्हिप’
प्रशासन और नेताओं ने ढूंढ निकाला बागियों का ठिकाना:
सोमवार को दिनभर चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच गुट नेता रितेश वासनिक और एनसीपी के तालुका अध्यक्ष सदाशिव ढेंगे ने मोर्चा संभाला। जो बागी सदस्य तथाकथित ‘राजनीतिक दौरे’ (पॉलिटिकल टूर) पर बाहर गए हुए हैं, नेता सीधे उनके घर पहुंचे। वहां मौजूद परिजनों के सामने बागी सदस्यों के दरवाजों पर व्हिप का नोटिस चस्पा किया गया। इतना ही नहीं, तकनीकी रूप से बचने का कोई मौका न देते हुए सदस्यों के व्यक्तिगत व्हाट्सएप (WhatsApp) पर भी व्हिप की डिजिटल कॉपी भेज दी गई है।

■ धर्मसंकट में बागी: सत्ता बचाए रखने की जद्दोजहद
एक तरफ जहां सत्ताधारी गुट किसी भी कीमत पर अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी-युति के दूसरे धड़े में शामिल हो चुके चार बागी सदस्यों के सामने ‘साँप-छछूंदर’ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। उनके सामने अब यह बड़ा यक्ष प्रश्न है कि वे पुरानी पार्टी निष्ठा को चुनें या नए राजनीतिक गठजोड़ का साथ दें? यही वजह है कि 25 जून को होने वाले मतदान में कौन-सा सदस्य क्या स्टैंड लेता है, इस पर पूरे जिले की नजरें टिकी हैं। अगले कुछ घंटे मोहाडी की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक और संवेदनशील हैं।

■ ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ और तोड़-फोड़ की चर्चाएं तेज
चर्चाएं गर्म हैं कि एनसीपी के चार सदस्य 4 जून से ही सपरिवार किसी अज्ञात स्थान पर ‘पॉलिटिकल वेकेशन’ पर हैं। उनके साथ कुछ अन्य सदस्यों के भी जुड़ने की खबर है, जिससे इस विरोधी गुट की संख्या बल 10 तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। इस आंकड़े से विपक्ष का हौसला तो बुलंद है, लेकिन सत्ताधारी दल भी इसे अपनी प्रतिष्ठा की लड़ाई मानकर डैमेज कंट्रोल में लगा है। रूठे हुए सदस्यों को मनाने, गुप्त बैठकें करने और परदे के पीछे से फोन कॉल करने का सिलसिला तेज हो गया है, जिसने इस सियासी मुकाबले को बेहद दिलचस्प और रोमांचक मोड़ पर ला खड़ा किया है।