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MAHARASHTRA : 80 लाख महिलाएं हुईं अपात्र

Desk | Mumbai

महाराष्ट्र सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन योजना को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला अपडेट सामने आया है। योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाली महिलाओं की पात्रता की जांच और ई-केवाईसी सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब 80 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद योजना के कुल लाभार्थियों की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई है, जिससे राज्यभर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि राज्य सरकार ने महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहन योजना की शुरुआत की थी। योजना शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने आवेदन किया था और प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार करीब 2 करोड़ 46 लाख महिलाएं योजना की लाभार्थी सूची में शामिल थीं।

हालांकि, बाद में सरकार ने लाभार्थियों के दस्तावेजों और पात्रता की जांच के लिए विशेष अभियान शुरू किया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए गए इस अभियान के तहत सभी लाभार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, ई-केवाईसी प्रक्रिया और पात्रता मानकों की जांच की गई। जांच के दौरान यह देखा गया कि कई आवेदनों में जानकारी अधूरी थी, कुछ मामलों में दस्तावेजों में त्रुटियां थीं, जबकि कुछ महिलाएं योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं कर रही थीं। इसके चलते बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त कर दिए गए। सरकार ने महिलाओं को अपनी जानकारी सुधारने का अवसर देने के लिए 30 अप्रैल तक अतिरिक्त समय भी दिया था। इस दौरान लाभार्थियों को ई-केवाईसी पूरी करने और दस्तावेजों में हुई गलतियों को सुधारने की सुविधा प्रदान की गई थी। बावजूद इसके, अंतिम जांच में लाखों महिलाएं अपात्र पाई गईं। इसके बाद योजना के लाभार्थियों की संख्या घटकर करीब 1 करोड़ 66 लाख रह गई है।

सूत्रों के अनुसार, पात्रता जांच में परिवार की वार्षिक आय सीमा, सरकारी नियमों के अनुरूप दस्तावेज, दोहरे आवेदन, बैंक खातों की जानकारी और अन्य आवश्यक शर्तों का परीक्षण किया गया। जिन महिलाओं के आवेदन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए, उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल वास्तविक और पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचाना है। वहीं दूसरी ओर, योजना की कई लाभार्थी महिलाएं मार्च और अप्रैल महीने की लंबित किस्तों को लेकर परेशान हैं। सरकार की ओर से पहले संकेत दिए गए थे कि भुगतान प्रक्रिया 13 और 14 मई से शुरू हो सकती है, लेकिन मई माह समाप्त होने के बावजूद अनेक महिलाओं के खातों में राशि जमा नहीं हुई है। इससे लाभार्थियों के बीच चिंता और असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों से ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं कि पात्र होने के बावजूद कुछ महिलाओं को अभी तक किस्त नहीं मिली है। ऐसे में लाभार्थियों को सरकार की ओर से स्पष्ट जानकारी और भुगतान संबंधी घोषणा का इंतजार है। योजना से बाहर हुई महिलाओं में भी यह जानने की उत्सुकता है कि उन्हें अपात्र क्यों घोषित किया गया और क्या दोबारा पात्रता साबित करने का कोई अवसर मिलेगा। लाडकी बहन योजना महाराष्ट्र सरकार की सबसे चर्चित सामाजिक कल्याण योजनाओं में से एक मानी जा रही है। ऐसे में 80 लाख महिलाओं के अपात्र घोषित होने   खबर ने राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा को तेज कर दिया है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम, लंबित किस्तों के भुगतान और पात्रता संबंधी आगे की प्रक्रिया पर टिकी हुई है।