Desk | Nagpur
नागपुर के सराफा बाजार में 25 से 30 मई के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सप्ताहभर चले तेज उतार-चढ़ाव के बाद 24 कैरेट (99.9 प्रतिशत शुद्धता) सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम 2,680 रुपये की कमी आई, जबकि चांदी के दाम में प्रति किलोग्राम 9,785 रुपये तक की उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिली। कीमतों में आई इस कमी से ग्राहकों को राहत जरूर मिली है, लेकिन भविष्य में संभावित तेजी की आशंका के कारण खरीदारी को लेकर बाजार में असमंजस का माहौल बना हुआ है। पिछले कुछ महीनों से सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध जैसी परिस्थितियां, डॉलर की मजबूती और विभिन्न देशों की आर्थिक नीतियों का सीधा असर कीमती धातुओं के बाजार पर पड़ रहा है। ऐसे में निवेशक भी सावधानीपूर्वक निर्णय ले रहे हैं।
कई लोग इसे खरीदारी का अच्छा अवसर मान रहे हैं, जबकि कुछ निवेशक आने वाले समय में कीमतों के और घटने या अचानक बढ़ने की संभावना को देखते हुए इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं। नागपुर सराफा बाजार के सचिव अतुल हर्डे के अनुसार, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के साथ-साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों का प्रभाव भारतीय सराफा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। सोने की खरीद को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनी परिस्थितियां, रूसी मुद्रा के उपयोग को बढ़ावा देने और विदेशी मुद्रा के सीमित उपयोग जैसी नीतियों ने बाजार में अनिश्चितता को बढ़ाया है। यही वजह है कि सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने 16 मई को सोने और चांदी पर लगने वाले सीमाशुल्क में लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि की थी। सरकार के इस फैसले के बाद देशभर के सराफा बाजारों की तरह नागपुर में भी कीमतों में तेजी दर्ज की गई थी। सीमाशुल्क बढ़ने से सोने के भाव में प्रति तोला करीब 1,420 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। वहीं चांदी के दाम में भी जबरदस्त उछाल आया था और इसकी कीमत करीब 2,840 रुपये बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। उस समय बढ़ती कीमतों के कारण ग्राहकों को खरीदारी के लिए अधिक राशि खर्च करनी पड़ रही थी। हालांकि अब पिछले सप्ताह आई गिरावट ने ग्राहकों को कुछ हद तक राहत दी है। शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह गिरावट फायदेमंद साबित हो सकती है। इसके बावजूद बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सोने और चांदी की कीमतों में आगे फिर से तेजी आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण निवेशकों और आम ग्राहकों के बीच खरीदारी को लेकर संशय बना हुआ है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रमों के आधार पर सोने-चांदी के भाव तय होंगे। यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है तो निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में फिर से सोने की ओर रुख कर सकते हैं, जिससे कीमतों में दोबारा उछाल देखने को मिल सकता है। फिलहाल बाजार में कीमतों की दिशा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और ग्राहक भी सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं।
