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WASHIM : चेतावनी के बाद बढ़ा सियासी तापमान!

Desk | Washim

जिलाधिकारी कार्यालय पर मोर्चा; सरकारी नीतियों पर नाराजगी, बढ़ी हुई दरें तुरंत वापस लेने की मांग बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि, एनपीएफसी के तहत उर्वरकों की बढ़ी हुई कीमतों तथा किसानों और दिव्यांगों की विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार (29 मई) को वाशिम जिला कलेक्टर कार्यालय पर महाविकास आघाड़ी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से मोर्चा निकालकर ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महंगाई के कारण आम नागरिकों का आर्थिक संतुलन बिगड़ गया है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों से परिवहन और दैनिक जीवन का खर्च लगातार बढ़ रहा है। जिले के कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन वितरण में अव्यवस्था की शिकायतें भी सामने आई हैं। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति, कृषि पंपों के बिजली दर, फसल बीमा और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

महाविकास आघाड़ी में कांग्रेस, उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट की शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) शामिल हैं। इन दलों के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन भेजा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में तीव्र आंदोलन किया जाएगा। नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग मनसे जिलाध्यक्ष राजू पाटिल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने ईंधन और उर्वरक मूल्य वृद्धि के साथ-साथ नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग भी उठाई। उनका कहना था कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला है, इसलिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। “तीव्र आंदोलन छेड़ेंगे” आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार आम नागरिकों की समस्याओं पर सकारात्मक और त्वरित निर्णय नहीं लेती है, तो वाशिम जिले में व्यापक जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा। विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस रुख का समर्थन किया। विभिन्न मांगों को लेकर रास्ता रोको आंदोलन मनसे की ओर से जिले के विभिन्न मुद्दों को लेकर रास्ता रोको आंदोलन भी किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों, बेरोजगारों, दिव्यांगों और विद्यार्थियों की समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति, निराधार योजनाओं में आने वाली कठिनाइयों तथा अन्य स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन सौंपते समय महाविकास आघाड़ी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।