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AMRAVATI : 129 करोड़ आए, लेकिन काम ठप!

Desk | Amravati

वॉर्ड विकास निधि के लिए महापौर का प्रस्ताव आयुक्त ने किया खारिज अमरावती महानगरपालिका को पिछले कुछ महीनों में राज्य सरकार की ओर से करोड़ों रुपये का बड़ा वित्तीय अनुदान प्राप्त हुआ है। इसके बावजूद वॉर्ड स्तर पर विकास कार्यों के लिए निधि देने की जनप्रतिनिधियों की मांग को मनपा आयुक्त वर्षा लड्डा ने ठुकरा दिया है। आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि सरकार से जो निधि जिस उद्देश्य के लिए प्राप्त हुई है, उसका उपयोग केवल उसी कार्य के लिए किया जाएगा। आयुक्त के इस सख्त रुख के कारण अब सत्तारूढ़ पक्ष और मनपा प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनने की संभावना बढ़ गई है। महापौर श्रीचंद तेजवाणी ने आयुक्त से मांग की थी कि शासन से प्राप्त निधि में से कम से कम 10 करोड़ रुपये नगरसेवकों को उनके-अपने वॉर्डों में विकास कार्य कराने के लिए दिए जाएं। हालांकि आयुक्त ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। इतना ही नहीं, पुराने बकाया भुगतान की मांग कर रहे ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं को भी राहत देने से प्रशासन ने इनकार कर दिया है। इससे महानगरपालिका में प्रशासन बनाम सर्वदलीय नगरसेवक का नया विवाद खड़ा हो गया है। ओवरड्राफ्ट को लेकर भी विवाद 15वें वित्त आयोग के तहत प्राप्त निधि का उपयोग केवल ठोस कचरा प्रबंधन, स्वच्छता और जलापूर्ति जैसी योजनाओं पर ही किया जा सकता है।

इससे पहले प्रशासकीय शासन के दौरान कर्मचारियों के वेतन और सफाई संबंधी भुगतान करने के लिए मनपा को बैंक से ओवरड्राफ्ट लेना पड़ा था। अब जब मनपा के पास पर्याप्त निधि उपलब्ध है, तब भी प्रशासन जनप्रतिनिधियों की मांगों को स्वीकार नहीं कर रहा है। इससे सभी दलों के नगरसेवकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उपमहापौर, पक्षनेता और स्थायी समिति अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से आयुक्त से मुलाकात कर नगरसेवकों के लिए 10 करोड़ रुपये के वॉर्ड विकास निधि की मांग की थी। उनका कहना है कि प्रशासन का सहयोग न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। मनपा को मिला यह फंडनगरोत्थान योजना : 20 करोड़ रुपये  बाळासाहेब ठाकरे शहरी दवाखाना योजना : 5 करोड़ रुपये  15वां वित्त आयोग : 15 करोड़ 84 लाख 13 हजार 985 रुपये बंधनकारक योजनाएं : 88 करोड़ 20 लाख 93 हजार 125 रुपये  क्या बोलीं आयुक्त? मनपा आयुक्त वर्षा लड्डा ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के निधि वितरण की नियमावली पहले से तय है। आचार संहिता के कारण फिलहाल कोई नया निर्णय नहीं लिया जा सकता। आगे जनप्रतिनिधि जो निर्णय लेंगे, उसी के अनुसार प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाएगा। भाजपा का आरोप भाजपा पक्षनेता चेतन गावंडे ने कहा कि नगरसेवकों को उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए निधि उपलब्ध कराना आवश्यक है और इसे वॉर्ड विकास निधि के रूप में वितरित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयुक्त इस मुद्दे से बचने का प्रयास कर रही हैं, जो उचित नहीं है। वहीं प्रशासन का कहना है कि 15वें वित्त आयोग के फंड से यह राशि देना संभव नहीं है, क्योंकि पहले लिए गए लगभग 31 करोड़ रुपये के ओवरड्राफ्ट का भुगतान भी करना है। हालांकि कुछ मामलों में प्रशासन को नियमों में राहत देने का अधिकार है।