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पुणे में जहरीली शराब का शक; फुगेवाड़ी-हडपसर में 13 मौतों से हड़कंप पिंपरी-चिंचवड़ के फुगेवाड़ी और पुणे के हडपसर इलाके में हुई संदिग्ध मौतों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। एक ही दिन में कई लोगों की मौत होने से इलाके में डर और गुस्से का माहौल बना हुआ है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि मृतकों की संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है। घटना की शुरुआत फुगेवाड़ी स्थित आजाद हिंद मंडल के सूचना फलक पर लिखे गए शोक संदेश से हुई। गांव के पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। कुछ ही घंटों में मृतकों की संख्या बढ़ने लगी और एक ही इलाके में लगातार हो रही मौतों से लोगों में भय का वातावरण बन गया। मृतकों में पांडुरंग फुगे, विजय राठौड़, राजेंद्र राठौड़, राजेश राजपूत, अकबर पठान और आनंद देसाई समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं। परिजनों के अनुसार कई लोगों ने कथित रूप से हाथभट्टी की शराब पी थी, जिसके कुछ ही मिनटों बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
किसी को अचानक चक्कर आने लगे, किसी के मुंह से झाग निकलने लगा, तो कुछ लोग बाथरूम में ही बेहोश होकर गिर पड़े। कई लोगों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि फुगेवाड़ी और हडपसर इलाके में लंबे समय से अवैध हाथभट्टी शराब के अड्डे चल रहे थे। पुलिस को इसकी जानकारी होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का यह भी कहना है कि करीब 15 दिन पहले भी इसी तरह एक व्यक्ति की संदिग्ध मौत हुई थी। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए योगेश वानखेड़े नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वह पुणे के मुंडवा इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोप है कि वह उरुली कांचन और फुगेवाड़ी क्षेत्र में नकली शराब तैयार कर उसे हडपसर, कालेपडळ और पिंपरी-चिंचवड़ के कई हिस्सों में बेचता था। प्राथमिक जांच में शराब में मिथेनॉल मिलाए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस के मुताबिक अधिक नशा पैदा करने के लिए शराब में यह खतरनाक रसायन मिलाया गया होगा, जिसकी वजह से कई लोगों की जान चली गई। पुलिस ने हडपसर और फुगेवाड़ी इलाके में चल रहे अवैध शराब के अड्डों पर कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों को ध्वस्त किया है। कई जगहों पर लगातार छापेमारी जारी है। मामले में कुछ अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य संदिग्ध कर्नल सिंह विरका की तलाश की जा रही है। फॉरेंसिक टीम ने शराब के नमूने जब्त कर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मौतों की असली वजह साफ हो सकेगी। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री Devendra Fadnavis ने इस घटना को “एक तरह की हत्या” बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। पुणे पुलिस, पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस और एक्साइज विभाग संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसेरा रिपोर्ट के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। एक ही परिवार के दो सगे भाइयों समेत कई युवकों और बुजुर्गों की मौत से पूरा पुणे दहल उठा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या मृतकों का आंकड़ा और बढ़ेगा? और आखिर जहरीली शराब का यह नेटवर्क कितना बड़ा है? यही चर्चा इस समय पूरे शहर में हो रही है।
