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AKOLA : “करोड़ों के गबन का पर्दाफाश!”

Desk | Akola

शहर की श्री गजानन नागरी सहकारी पतसंस्था में करीब 16 करोड़ 79 लाख 27 हजार रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस प्रकरण में आर्थिक अपराध शाखा ने गुरुवार सुबह पतसंस्था के अध्यक्ष नारायण आवारे और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तथा उनके पुत्र नंदकिशोर आवारे को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 3 जून तक पुलिस हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की जा रही है। पिछले नौ महीनों से पतसंस्था में आर्थिक गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। ठेवीदार लगातार अपनी जमा राशि वापस मांग रहे थे, लेकिन संस्था की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा रहा था। खास बात यह है कि पिछले छह महीनों से ठेवीदारों को भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया था, जिससे नागरिकों में भारी नाराजगी फैल गई थी।

कई शिकायतों और प्रारंभिक जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा ने मामले में हस्तक्षेप किया। जांच के दौरान संस्था के वित्तीय लेन-देन में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। करोड़ों रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद डाबकी रोड पुलिस थाने में अध्यक्ष नारायण आवारे और सीईओ नंदकिशोर आवारे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में आने वाले दिनों में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस मामले में अब तक 182 निवेशकों ने शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक अनिल जुमळे कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस पतसंस्था में करीब ढाई हजार ठेवीदारों के लगभग 25 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। इनमें नौकरीपेशा लोग, पेंशनधारक, मजदूर और घरेलू कामकाजी महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने अपनी जीवनभर की बचत संस्था में जमा की थी। ठेवीदारों का आरोप है कि संस्था के पदाधिकारियों ने गबन की रकम को अन्य जगहों पर निवेश कर आम लोगों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी की। बताया जा रहा है कि श्री गजानन नागरी सहकारी पतसंस्था की अकोला में दो और तेल्हारा में एक शाखा संचालित है। अप्रैल महीने से ही ठेवीदारों को भुगतान बंद कर दिया गया था, जिसके बाद नागरिकों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी थी। हालांकि आरोपियों की गिरफ्तारी से ठेवीदारों को कुछ राहत मिली है, लेकिन उनकी जमा रकम वापस कब मिलेगी, इसे लेकर चिंता अभी भी बनी हुई है।