Desk | Yavatmal
10 नगरसेवकों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, नगर परिषद कार्यालय के बहिष्कार की चेतावनी उमरखेड़ नगर परिषद के प्रशासनिक कामकाज को लेकर भाजपा के नगरसेवकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। भाजपा के 10 नगरसेवकों ने नगर परिषद प्रशासन पर जनता की समस्याओं की अनदेखी करने और विपक्षी नगरसेवकों के कार्यों में बाधाएं खड़ी करने का आरोप लगाया है। इसी के विरोध में नगरसेवकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए नगर परिषद कार्यालय का स्थायी बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। भाजपा गुटनेता विजय हरडपकर के नेतृत्व में नगरसेवकों ने प्रशासन और सत्ताधारियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनवरी 2026 में नई सत्ता आने के बाद से शहर के विभिन्न प्रभागों से नागरिकों की कई शिकायतें नगर परिषद अध्यक्ष और मुख्याधिकारी को लिखित रूप में दी गईं, लेकिन अब तक किसी भी समस्या पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इससे नागरिकों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। नगरसेवकों का आरोप है कि शहर में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते अतिक्रमण, खुली जगहों पर अवैध निर्माण, खराब जलापूर्ति व्यवस्था, स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता और बारिश से पहले नालों की सफाई न होने जैसी समस्याएं गंभीर रूप ले चुकी हैं। इसके अलावा शहर के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी हैं, जिससे नागरिकों को रात में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक भी लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कई स्थानों पर स्पीड ब्रेकर की मांग लंबे समय से लंबित है, जबकि नगर परिषद की विभिन्न निविदाओं से जुड़े विकास कार्य भी अधूरे पड़े हैं। नगरसेवकों ने नल कनेक्शन के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूली का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जनता से जुड़े मुद्दों को बार-बार उठाने के बावजूद प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा। भाजपा नगरसेवकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे नगर परिषद कार्यालय का स्थायी बहिष्कार करेंगे। साथ ही आने वाली विधान परिषद चुनाव प्रक्रिया का भी बहिष्कार करने का इशारा दिया गया है। इस कदम से शहर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वालों में विजय हरडपकर, भास्कर साधू, करुणा कुबडे, गोपाल कलाने, वंदना घाडगे, सुरेंद्र कोडगिरवार, ज्योत्स्ना रुडे, खुशबू मेंढे, अमोल तिवरंगकर और विजय गुजरे शामिल थे। वहीं नगर परिषद प्रशासन की ओर से सफाई देते हुए कहा गया है कि उमरखेड़ शहर के सभी प्रभागों में समान रूप से विकास कार्य किए जा रहे हैं और किसी भी प्रकार का पक्षपात नहीं किया जा रहा। प्रशासन का कहना है कि प्राप्त शिकायतों और निवेदनों पर जनहित को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई की जा रही है तथा सभी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
