Desk | Bhandara
राज्य में विधान परिषद चुनाव की पृष्ठभूमि में महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उम्मीदवार तय करने को लेकर विभिन्न दलों में बैठकों, चर्चाओं और लॉबिंग का दौर तेज हो गया है। कई इच्छुक नेताओं ने पार्टी आलाकमान के सामने अपनी दावेदारी पेश की है। महायुति में उम्मीदवार को लेकर खींचतान जारी है, वहीं कांग्रेस ने भी “हमारा उम्मीदवार तय हो चुका है” ऐसा दावा कर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। भंडारा-गोंदिया विधान परिषद चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख नजदीक आने के बावजूद महायुति की ओर से उम्मीदवार का नाम अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। भाजपा, शिवसेना और अजित पवार गुट के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा जारी होने की जानकारी सामने आ रही है। इससे कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इस बीच कांग्रेस ने भी अपनी भूमिका स्पष्ट करते हुए संकेत दिए हैं कि पार्टी इस चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि पार्टी का उम्मीदवार तय हो चुका है और उन्होंने महायुति को सीधी चुनौती दी है। महाविकास आघाड़ी के लिए कांग्रेस की भूमिका अहम मानी जा रही है, ऐसे में अंतिम समय तक राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना जताई जा रही है। महायुति में टिकट के लिए कई नेताओं ने दावेदारी पेश की है। ऐसे में सभी को संतुष्ट करना पार्टी नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। भाजपा की ओर से कुछ प्रमुख नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जबकि शिंदे गुट और राष्ट्रवादी कांग्रेस की ओर से भी अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। इसी वजह से उम्मीदवार की घोषणा में देरी होने की चर्चा है। राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं और कुछ जगहों पर बगावत की संभावना भी जताई जा रही है। पार्टी के भीतर नाराजगी टालने के लिए वरिष्ठ नेता लगातार समन्वय बनाने में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव में मतों की गणित और स्थानीय समीकरणों को ध्यान में रखकर उम्मीदवार तय किया जाएगा। बताया जा रहा है कि महायुति की ओर से ग्रीन सिग्नल मिलने वाले उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा अंतिम समय में की जा सकती है। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है, जिससे यह चुनाव काफी मुकाबले वाला होने के संकेत मिल रहे हैं।
