Desk | Bhandara
ईडी में 400 करोड़ की संपत्ति फंसी बताकर सोलर पैनल कारोबारी से 1.96 करोड़ की ठगी
आरोपी गिरफ्तार; 25 मई तक पुलिस हिरासत भंडारा की घटना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग की जांच में अपनी 400 करोड़ रुपये की संपत्ति फंसी होने का झांसा देकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शहर के एक सोलर पैनल कारोबारी से 1.96 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कारोबारी की शिकायत पर भंडारा पुलिस ने 20 मई की रात धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का नाम प्रशांत वाहणे (40, रजनीनगर, खात रोड) बताया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रशांत वाहणे ने तुमसर तहसील के खापा निवासी सोलर पैनल कारोबारी दिगंबर मोहतुरे (39) से व्यापार के सिलसिले में पहचान बढ़ाई। उसने खुद को करोड़ों की संपत्ति का मालिक बताते हुए कहा कि ईडी और आयकर विभाग की जांच के कारण उसकी 400 करोड़ रुपये की संपत्ति फिलहाल फंसी हुई है और उसे कुछ दिनों के लिए बड़ी रकम की जरूरत है। उसकी बातों पर विश्वास कर मोहतुरे ने मदद करने का निर्णय लिया। 1 जनवरी 2020 से अब तक के दौरान आरोपी ने दिगंबर मोहतुरे, उनके दोस्तों और रिश्तेदारों सहित 10 से 12 लोगों से अलग-अलग किश्तों में करीब 2 करोड़ रुपये उधार लिए। काफी समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं मिलने पर जब पैसे की मांग की गई, तब आरोपी ने केवल 4 लाख रुपये लौटाए और बाकी 1.96 करोड़ रुपये हड़प लिए।
विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने ईडी के मुंबई कार्यालय और आयकर विभाग की कथित नोटिसें, साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से भेजा गया फर्जी पत्र भी दिखाया। इन नकली दस्तावेजों को असली बताकर उसने कारोबारी का भरोसा जीता। जब दिगंबर मोहतुरे को अपने और दोस्तों के पैसे फंसने का एहसास हुआ, तब उन्होंने भंडारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी प्रशांत वाहणे को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच कर रहे भंडारा उपविभागीय पुलिस अधिकारी विलास काळे ने घटना की पुष्टि की है। आरोपी को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 25 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
