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Nagpur: कर्जमाफी पर आचार संहिता का ब्रेक; किसानों की बढ़ी उम्मीदें

डेस्क | नागपुर

राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित किसान कर्जमाफी योजना पर फिलहाल आचार संहिता का असर पड़ता दिखाई दे रहा है। आगामी स्थानीय स्वराज्य संस्था और अन्य चुनावों को देखते हुए लागू हुई आचार संहिता के कारण सरकार कोई नई आर्थिक घोषणा करने की स्थिति में नहीं है। इसी वजह से किसानों को बहुप्रतीक्षित कर्जमाफी योजना के लिए कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए बड़े स्तर पर कर्जमाफी योजना का प्रारूप तैयार किया था। इस योजना के तहत छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को प्राथमिकता देने की चर्चा थी। हालांकि चुनाव आयोग की आचार संहिता लागू होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर इस प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश की अनिश्चितता, बढ़ती खेती लागत और फसल नुकसान के कारण किसान आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। ऐसे में कर्जमाफी की उम्मीद किसानों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि आचार संहिता समाप्त होते ही योजना को तत्काल मंजूरी दी जाए।

विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि किसानों को केवल आश्वासन नहीं बल्कि तत्काल आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। वहीं सरकार का कहना है कि किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी और आचार संहिता खत्म होते ही आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। राज्यभर के किसान सरकार की अगली घोषणा का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही कर्जमाफी को लेकर सकारात्मक निर्णय सामने आएगा।