डेस्क | भिवापुर/नागपुर
शनिवार मध्यरात्रि भिवापुर तहसील में आए भीषण बेमौसम तूफान और बिजली की कड़कड़ाहट के साथ हुई बारिश ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में तहसील के कई गांवों में 41 घरों की छतें उड़ गईं और 10 गौशालाएं पूरी तरह ढह गईं।
प्रमुख नुकसान और प्रभावित गांव:
तूफान इतना तीव्र था कि कई घरों के ऊपर लगे टिन के पतरे उड़ गए और बड़े-बड़े पेड़ जड़ से उखड़ गए। तहसील कार्यालय के प्राथमिक पंचनामे के अनुसार सबसे ज्यादा नुकसान इन गांवों में हुआ है:
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मांगली (जग.): यहां फल के बागानों को भारी क्षति पहुंची है।
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मांडवा: 8 घरों का नुकसान।
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गोंडबोरी: 7 घरों का नुकसान।
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अन्य प्रभावित क्षेत्र: किन्हाड़ा, जवली, वीरखंडी और वासी गांवों में भी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।
तूफान के कारण बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे ग्रामीण इलाकों में काफी समय तक डर का माहौल बना रहा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि नुकसान का विस्तृत आकलन (पंचनामा) कर प्रभावित किसानों और ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कुएं में मिला 6 दिनों से लापता युवक का शव
गोंडखैरी/कलमेश्वर: पिछले छह दिनों से लापता एक 34 वर्षीय युवक का शव रविवार शाम लोणारा (उपरवाही) इलाके के एक कुएं में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान योगेश तुळशीराम सांभारे (निवासी निंबोली, तहसील कलमेश्वर) के रूप में हुई है।
मामले का विवरण:
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लापता: योगेश 11 मई से लापता था।
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पुलिस रिपोर्ट: परिजनों ने 14 मई को कलमेश्वर पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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बरामदगी: 17 मई की शाम ग्रामीणों को कुएं में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया। सूचना मिलते ही पुलिस ने रात करीब 9:30 बजे कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
