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BHANDARA : दो घरों के चिराग बुझ गए

DESK | Bhandara

 

बेटाला गांव में शोक की लहर; एक युवक का शव सुबह मिला, दूसरे का शाम को  बेटाला गांव के पास वैनगंगा नदी ने शनिवार को दो युवकों को अपनी लहरों में समा लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल फैल गया। डूबे हुए युवक को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में उतरे दूसरे युवक की भी डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। एक युवक का शव रविवार सुबह मिला, जबकि दूसरे युवक की तलाश के लिए घंटों तक रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा। आखिरकार शाम करीब 5:30 बजे उसका शव पानी पर तैरता हुआ दिखाई दिया। शनिवार शाम करीब 5 बजे बेटाला गांव निवासी नैतिक ठवकर वैनगंगा नदी में तैरने गया था। गहराई का अंदाजा न लग पाने के कारण वह अचानक गहरे पानी में डूब गया।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव का साहसी और कुशल तैराक जितेंद्र भुरे उसे बचाने के लिए तुरंत नदी में कूद पड़ा। लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था। जितेंद्र भी नदी की गहराई में समा गया। अंधेरा होने के कारण शनिवार रात को खोज अभियान रोकना पड़ा। रविवार सुबह भंडारा से एनडीआरएफ की टीम, स्थानीय मछुआरे और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे दिन दोनों युवकों की तलाश में जुटे रहे। जाल डालकर, नावों की मदद से और कई स्थानों पर तलाश अभियान चलाया गया। एनडीआरएफ टीम के पहुंचने से पहले रविवार सुबह करीब 7 बजे नैतिक ठवकर का शव पानी पर तैरता हुआ मिला। उसे मोहाडी ग्रामीण अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद बेटाला गांव में गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में पूरा गांव शोक में डूबा नजर आया।दूसरी ओर, जितेंद्र भुरे की तलाश दिनभर जारी रही।

आखिरकार करीब 24 घंटे बाद शाम को उसका शव भी पानी पर तैरता हुआ मिला। इस दुखद हादसे ने बेटाला गांव को पूरी तरह से स्तब्ध कर दिया है। गांव के हर घर में मातम पसरा है और गोसेखुर्द बांध के बैकवॉटर ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं।