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Bhandara: जिला वार्षिक योजना को लेकर प्रशासन सख्त

डेस्क | Bhandara

समय पर प्रस्ताव नहीं देने वाले विभागों पर होगी कार्रवाई की चेतावनी
जिले के सर्वांगीण विकास को गति देने के लिए जिला वार्षिक योजना के तहत विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्ताव समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश जिलाधिकारी सावन कुमार ने दिए हैं। उन्होंने सभी विभागों की अमलबजावणी यंत्रणाओं को तय समयसीमा का पालन करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए।

जिलाधिकारी कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक
वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला वार्षिक योजना (सर्वसाधारण) को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के परिषद कक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी सावन कुमार ने की। इस दौरान उपवनसंरक्षक योगेंद्र सिंह, नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र परियोजना के उपसंचालक प्रीतमसिंह कोडापे, जिला नियोजन अधिकारी तारकेश्वरी बोरीगिड्ढे समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

30 अप्रैल तक की प्रगति रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा
बैठक में 30 अप्रैल 2026 तक की मासिक प्रगति रिपोर्ट की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को बताया गया कि वर्ष 2026-27 के लिए मंजूर निधि की जानकारी संबंधित विभागों को दे दी गई है और प्रस्तावित विकास कार्यों की सूची 25 मई तक हर हाल में प्रस्तुत करनी होगी।

जिला नियोजन समिति की बैठक में मिलेगी मंजूरी
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित कार्यों की सूची आगामी जिला नियोजन समिति की बैठक में मंजूरी के लिए रखी जाएगी। साथ ही समिति के माध्यम से किए जाने वाले सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता उच्च स्तर की बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

यूआई नंबर के बिना स्वीकार नहीं होंगे प्रस्ताव
बैठक में यह भी साफ किया गया कि इस वर्ष सभी प्रस्ताव यूआई नंबर जनरेट करके ही जिला नियोजन समिति को भेजे जाएं। बिना यूआई नंबर वाले प्रस्ताव स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

पुराने खर्च का अनुपालन रिपोर्ट जल्द जमा करने के निर्देश
पिछले वर्ष किए गए खर्चों के अनुपालन रिपोर्ट की प्रत जल्द से जल्द नियोजन विभाग को सौंपने के निर्देश भी दिए गए। प्रशासन ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य रहेगी।

नए कार्यों के लिए जरूरी दस्तावेज अनिवार्य
नए विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजते समय विस्तृत अनुमान पत्र, तकनीकी मंजूरी आदेश, संबंधित योजना में कार्य शामिल होने का प्रमाणपत्र तथा दुरुस्ती कार्यों के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र संलग्न करना अनिवार्य रहेगा।

बैठक का संचालन जिला नियोजन अधिकारी ने किया
बैठक का संचालन जिला नियोजन अधिकारी तारकेश्वरी बोरीगिड्ढे ने किया। प्रशासन की ओर से स्पष्ट संकेत दिए गए कि विकास योजनाओं में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।