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चुनाव के समय विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली बीड़ नगर पालिका के नए पदाधिकारियों की असलियत अब सामने आने लगी है। तत्कालीन उपमुख्यमंत्री Ajit Pawar द्वारा बीड़ शहर के लिए मंजूर किए गए 22 करोड़ 25 लाख रुपये के फंड को मिले चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुख्य सड़कों के काम की शुरुआत तक नहीं हो सकी है।अब जबकि मानसून सिर पर है, पालिका ने केवल नालों के काम शुरू कर बीड़वासियों की आंखों में धूल झोंकने का काम शुरू कर दिया है। इससे साफ हो गया है कि इस साल का मानसून भी लोगों को गड्ढों से भरी सड़कों पर ही बिताना पड़ेगा।जिला वार्षिक योजना के तहत 24 बड़े विकास कार्यों को प्रशासनिक मंजूरी मिले काफी समय हो चुका है। लेकिन समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर गर्मियों में काम खत्म करने के बजाय, नए पदाधिकारी सिर्फ निरीक्षण दौरों और सोशल मीडिया पर फोटोसेशन में व्यस्त रहे। सत्ता मिलने के बाद जनता की समस्याओं को भूल चुके कुछ पदाधिकारियों की रुचि सड़क मरम्मत से ज्यादा ‘रिल्स’ बनाने में दिखाई दे रही है। बीड़ शहर के स्टेडियम परिसर से गुजरने वाली सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं, जिनमें पानी जमा हो रहा है। इससे वाहन चालकों और पैदल यात्रियों दोनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश में बन जाएंगे ‘डेथ ट्रैप
शहर की मुख्य सड़कों की हालत अभी से इतनी खराब है कि रोज छोटे-मोटे हादसे हो रहे हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने के बाद उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लगेगा, जिससे गंभीर दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाएगा।
“समय निकालने की कोशिश”
चार महीने तक शांत बैठी पालिका को अब अचानक बारिश की याद आई है। सड़कों की मरम्मत करने के बजाय फिलहाल सिर्फ नालों की खुदाई शुरू की गई है। स्टेडियम कॉम्प्लेक्स और पालिका कार्यालय के सामने नालों के काम पहले किए जा रहे हैं। बीड़वासी सवाल उठा रहे हैं कि क्या बारिश से पहले ये काम पूरे हो पाएंगे? और अगर हो भी गए, तो सड़कों पर होने वाले कीचड़ और गड्ढों का क्या होगा?
दो विधायकों की लड़ाई में पिस रहे बीड़वासी?
बीड़ के विधायक Sandeep Kshirsagar और गेवराई के विधायक Vijaysinh Pandit के बीच इन दिनों श्रेय लेने की राजनीति तेज हो गई है। हालांकि दोनों नेताओं के समर्थकों की संख्या पालिका में अधिक होने के बावजूद विकास कार्यों में तेजी नहीं आई है। राजनीतिक खींचतान के बीच बीड़ शहर की सड़कें और नागरिक सुविधाएं पूरी तरह बदहाल होती जा रही हैं।
“क्या लोगों की जान जाने के बाद काम शुरू होंगे?”
शहर के नाराज नागरिकों का कहना है कि चुनाव के समय हाथ जोड़कर किए गए वादे अब हवा हो गए हैं। “न सड़कें ठीक हैं, न धूल कम हो रही है और अब नालियां खोदकर छोड़ दी गई हैं। क्या हमारे साथ कोई बड़ा हादसा होने के बाद सड़कें बनाई जाएंगी?” — ऐसे शब्दों में नागरिकों ने अपना गुस्सा जाहिर किया।वहीं, बीड़ नगर परिषद के मुख्याधिकारी शैलेश फडसे ने कहा कि, “मानसून को देखते हुए फिलहाल नालों के काम शुरू किए गए हैं। इसके बाद सड़कों के काम भी किए जाएंगे। सभी विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे।”
