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Bhandara: भीषण गर्मी में जनगणना ड्यूटी से शिक्षकों में नाराज़गी

डेस्क | Bhandara

“राष्ट्रीय कर्तव्य निभाएंगे, लेकिन जान जोखिम में नहीं” — लाखनी शिक्षक संघ का प्रशासन को अल्टीमेटम

गर्मी की छुट्टियों में ड्यूटी से बढ़ा आक्रोश
लाखनी में जनगणना कार्य को लेकर शिक्षकों के बीच भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। भीषण गर्मी और गर्मी की छुट्टियों के दौरान जनगणना कार्य सौंपे जाने पर महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, तालुका शाखा लाखनी ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 6 मई को नायब तहसीलदार धर्मेंद्र उरकुडकर को निवेदन सौंपा।

“राष्ट्रीय काम जरूरी, लेकिन सुरक्षा भी उतनी ही अहम”
शिक्षक संघ ने स्पष्ट कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य जरूर है, लेकिन शिक्षकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की अनदेखी कर यह जिम्मेदारी थोपना उचित नहीं है। बढ़ते तापमान और भीषण लू के बीच दूर-दराज क्षेत्रों में ड्यूटी लगाने से शिक्षकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

बीमा सुरक्षा और अर्जित अवकाश की मांग
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षकों की नियुक्ति उनके मूल कार्यस्थल या नजदीकी क्षेत्रों में की जाए। साथ ही गर्मी में ड्यूटी के दौरान उष्माघात, दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति होने पर बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। गर्मी की छुट्टियों में काम लेने के बदले Earned Leave देने की भी मांग उठाई गई है।

डिजिटल जनगणना के लिए संसाधनों की कमी
डिजिटल जनगणना प्रक्रिया को लेकर भी शिक्षकों ने सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि सरकार यदि ऑनलाइन और मोबाइल आधारित जनगणना चाहती है, तो शिक्षकों को एंड्रॉइड मोबाइल फोन और आवश्यक तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।

शिक्षक संघ के पदाधिकारी रहे मौजूद
निवेदन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष उमेश सिंगनजुडे, तालुकाध्यक्ष केसर मासूरकर, जय राठोड, सचिन शेळके और सूर्यभान टिचकुले उपस्थित रहे।

“समस्याओं की अनदेखी हुई तो बढ़ेगा असंतोष”
शिक्षक संघ के अध्यक्ष केसर मासूरकर ने चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षक कभी भी राष्ट्रीय कार्य से पीछे नहीं हटते, लेकिन प्रशासन यदि उनकी समस्याओं और सुरक्षा को नजरअंदाज करता रहा तो शिक्षकों में तीव्र असंतोष पैदा होगा।

प्रशासन ने समाधान का दिया भरोसा
वहीं जनगणना अधिकारी मनीष अवसरे ने कहा कि शिक्षकों द्वारा बताई गई तकनीकी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी तथा कार्य का नियोजन इस प्रकार करने का प्रयास होगा जिससे शिक्षकों को न्यूनतम परेशानी हो।