डेस्क | Bhandara
शहर में दूषित और पीले पानी की शिकायतों के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नगर परिषद के गोदाम में पानी शुद्धिकरण के लिए रखी गई फिटकरी बेहद घटिया और मिट्टीमिश्रित पाई गई है। इस खुलासे के बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया है और करीब 70 हजार नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
पानी आपूर्ति सभापति सुनील डोंगरे द्वारा गोदाम की जांच के दौरान यह ‘महाघोटाला’ उजागर हुआ। सामान्यतः पानी साफ करने के लिए पारदर्शी और शुद्ध फिटकरी का उपयोग होता है, लेकिन यहां मौजूद सामग्री भुसभुशीत और मिट्टी जैसी निकली। इससे साफ है कि प्रशासन ने नागरिकों की सेहत के साथ बड़ा खिलवाड़ किया है।
❗ प्रशासन पर गंभीर सवाल
शहर में चर्चा है कि नगर परिषद में प्रशासनिक अनागोंदी चरम पर है। मुख्याधिकारी की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर कुछ कर्मचारियों और ठेकेदारों ने मिलीभगत से घटिया सामग्री की खरीद की। बिना गुणवत्ता जांच के भुगतान कैसे हुआ, यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
⚠️ सख्त कार्रवाई की मांग तेज
इस मामले को लेकर नगराध्यक्ष इंजि. सागर गभने ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। वहीं सभापति सुनील डोंगरे ने संबंधित कर्मचारी सुनील लांजेवार के तत्काल निलंबन की मांग की है। प्रभारी मुख्याधिकारी चंदन पाटील ने मामले की जांच के आदेश देते हुए दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
🔥 जनआंदोलन की चेतावनी
यदि प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो शहर में बड़े स्तर पर जनआंदोलन भड़कने की संभावना जताई जा रही है। अब पूरे तुमसर की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन दोषियों को बचाता है या सख्त कार्रवाई करता है।
