Desk | Amravati
महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य सरकार की कर्जमाफी योजना और किसानों से जुड़े मुद्दों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्जमाफी की घोषणा तो कर दी है, लेकिन इससे किसानों को वास्तविक लाभ मिलने की संभावना कम है। वडेट्टीवार ने कहा कि यदि कर्जमाफी का फैसला समय पर लिया गया होता तो किसानों को नए फसल ऋण मिलने का रास्ता साफ हो जाता। लेकिन अब कई किसान बकाया कर्ज के कारण ऋण से वंचित हैं और खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कर्जमाफी की राशि किसानों के खातों में कब जमा होगी, इसकी कोई स्पष्ट समयसीमा सरकार ने नहीं बताई है।
गडचिरोली में शराबबंदी हटाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सरकार को स्थानीय परिस्थितियों और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए। वहीं सरकार के सहयोगी दलों द्वारा निधि नहीं मिलने की शिकायतों को लेकर उन्होंने कहा कि महायुति सरकार के भीतर गंभीर मतभेद सामने आ रहे हैं और सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ता जा रहा है। प्याज उत्पादक किसानों की समस्या पर वडेट्टीवार ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जबकि भंडारण और खरीद व्यवस्था की खामियों का फायदा बिचौलिए उठा रहे हैं। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं और केवल घोषणाओं से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि किसानों को तत्काल राहत देने के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाए जाएं।
