Desk | Bhandara
अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद चोवा ग्रामवासियों ने वापस लिया रास्ता रोको आंदोलन जल्द शुरू होगा सड़क निर्माण, अन्य समस्याओं का भी होगा समाधान पहेला से आषोरा मार्ग की खराब गुणवत्ता और ठेकेदार की मनमानी के कारण चोवा गांव के नागरिक पिछले आठ महीनों से विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे थे। प्रशासन के समक्ष बार-बार शिकायतें करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकलने पर ग्रामीणों ने शनिवार को समाज आघाड़ी के नेतृत्व में रास्ता रोको आंदोलन शुरू किया। करीब चार घंटे तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन ने समस्याओं के समाधान के लिए लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने आंदोलन वापस ले लिया। पहेला-आषोरा सड़क निर्माण कार्य अधूरा और घटिया गुणवत्ता का होने के कारण लंबे समय से रुका हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने काम बीच में ही छोड़ दिया है।
सड़क की खुदाई के दौरान चोवा गांव की पेयजल पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे पिछले पंद्रह दिनों से ग्रामीणों को पीने के पानी की भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा सड़क किनारे किसानों के खेतों तक जाने वाले रास्ते तथा खेतों से पानी निकासी के मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं, जिससे किसानों की समस्याएं और बढ़ गई हैं। मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा उग्र आंदोलन ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के बावजूद यदि निर्धारित समय में कार्य पूरे नहीं किए गए तो भविष्य में और अधिक तीव्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर पहेला के यशवंत पिंगळे, दिलीप आत्राम, सोहेल गवई सहित अन्य लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए। प्रशासन का लिखित आश्वासन प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि गांव की पेयजल समस्या का तत्काल समाधान किया जाएगा। साथ ही सड़क मरम्मत, नालियों के निर्माण और अन्य लंबित कार्यों के लिए 7 जून से प्रत्यक्ष रूप से काम शुरू किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही बड़ी भागीदारी इस रास्ता रोको आंदोलन में जिला परिषद सदस्य अनीता एटे, पंचायत समिति सदस्य प्रीति साखरे, सुभाष आजाद, गणेश उइके, राज गोमासे, राज कनके, दत्तात्रय आत्राम, बाबू वट्टे, गोरख गोरडे, रविंद्र गोमासे, गणेश निनावे, शेखर राठोड, प्रणय टिकले, दयाराम आजाद, भरत आजाद, गोराज गोमासे, प्रशांत डोंबुडे, आभास मुने, अमृत बागड़े, राहुल सेरे, उपेंद्र देडके, धनपाल उरकुडे, बाबू फुकटे, गंगाराम बोरकुटे, भरत बोरकुटे, राजू शेरकुडे सहित बड़ी संख्या में चोवा गांव के ग्रामीण उपस्थित रहे।
