Top 5 This Week

Related Posts

BREAKING

NAGPUR : महंगाई का ‘हॉर्न’; स्कूल बस का सफर 200 रुपये तक महंगा

Desk|Nagpur

ईंधन दरों में बढ़ोतरी से अभिभावकों को झटका, हजारों परिवारों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ  देशभर में लगातार बढ़ रही महंगाई का असर अब स्कूली बच्चों की आवाजाही पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के कारण नागपुर शहर की स्कूल बस सेवाएं महंगी होने जा रही हैं। स्कूल बस एसोसिएशन ने बस शुल्क में वृद्धि करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत प्रत्येक विद्यार्थी से हर महीने लगभग 200 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। इस फैसले से हजारों अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी के अनुसार, नागपुर शहर में करीब साढ़े तीन हजार से अधिक स्कूल बसें संचालित होती हैं। इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी स्कूल पहुंचते हैं। अब बस किराए में वृद्धि होने से सबसे ज्यादा असर मध्यम और निम्न मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ने वाला है।

कई अभिभावकों ने इस निर्णय पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले ही स्कूल फीस, किताबें, यूनिफॉर्म, ट्यूशन और अन्य खर्चों के कारण घर का बजट बिगड़ा हुआ है। ऐसे में बस शुल्क बढ़ना उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित होगा।  स्कूल बस संचालकों का कहना है कि केवल पेट्रोल और डीजल के दाम ही नहीं बढ़े हैं, बल्कि वाहन के स्पेयर पार्ट्स, टायर, इंश्योरेंस, फिटनेस सर्टिफिकेट और मरम्मत का खर्च भी काफी बढ़ गया है। इसके अलावा ड्राइवर और कंडक्टर के वेतन में भी वृद्धि करनी पड़ रही है। आरटीओ के नए सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए बसों में सुरक्षा उपकरण लगाना अनिवार्य किया गया है, जिससे खर्च और अधिक बढ़ गया है। संचालकों के अनुसार पुराने शुल्क में बस सेवा चलाना अब संभव नहीं रह गया है। बस ऑपरेटरों ने बताया कि स्कूल बसों की नियमित जांच, परमिट नवीनीकरण और अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं में भी अधिक पैसा खर्च हो रहा है। कई बस संचालक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किराया नहीं बढ़ाया गया तो बस सेवा को सुचारू रूप से चलाना मुश्किल हो जाएगा। दूसरी ओर, अभिभावकों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। घर का राशन, बिजली बिल, गैस सिलेंडर और बच्चों की पढ़ाई का खर्च पहले ही तेजी से बढ़ चुका है।

ऐसे में स्कूल बस शुल्क में हर महीने 200 रुपये की वृद्धि परिवार के मासिक बजट को और प्रभावित करेगी। कई पालकों ने सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और स्कूल बस शुल्क वृद्धि पर नियंत्रण लगाने की मांग की है। शिक्षा से जुड़े जानकारों का मानना है कि यदि इसी तरह महंगाई बढ़ती रही तो आने वाले समय में निजी स्कूलों की परिवहन सेवाएं आम लोगों की पहुंच से दूर हो सकती हैं। इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनकी नियमित उपस्थिति पर भी पड़ सकता है।