Desk | Amravati
अमरावती जिले के दर्यापुर शहर स्थित जहानपुर रोड पर मौजूद ईकरा स्कूल में सोमवार को अचानक भीषण आग लगने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूल परिसर से उठती आग की ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में नागरिक मौके पर जमा हो गए और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि स्कूल के एक हिस्से में अचानक चिंगारी उठी और कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। स्कूल में रखे लकड़ी के फर्नीचर, पुराने रिकॉर्ड, महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, किताबें, परीक्षा संबंधी फाइलें तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री आग की चपेट में आ गई। देखते ही देखते कई कमरों में रखा सामान पूरी तरह जलकर राख हो गया।
घटना के समय स्कूल परिसर में मौजूद कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर होती चली गई। इसके बाद तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने कड़ी मशक्कत करते हुए काफी देर तक राहत और बचाव कार्य चलाया और आखिरकार आग पर काबू पाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी भयानक थी कि स्कूल की खिड़कियों से आग की लपटें बाहर निकल रही थीं। धुएं के कारण आसपास का पूरा इलाका प्रभावित हो गया था। कई लोगों ने अपने घरों और दुकानों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। पुलिस प्रशासन ने भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों की भीड़ को नियंत्रित किया और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। सौभाग्य से इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा अनर्थ टल गया। हालांकि आग के कारण स्कूल प्रशासन को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जल जाने से स्कूल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
घटना के बाद प्रशासन द्वारा नुकसान का पंचनामा किया जा रहा है। साथ ही विद्युत विभाग और पुलिस प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच में जुट गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी। इस घटना के बाद शहर के नागरिकों ने स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि स्कूलों में नियमित रूप से विद्युत जांच और फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। वहीं स्थानीय प्रशासन ने भी सभी संस्थानों को सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश देने की बात कही है।
