Desk | Nagpur
महादुला नगर पंचायत क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या को दूर करने के उद्देश्य से महानिर्मिती की ओर से सीएसआर निधि के तहत तीन लाख लीटर क्षमता की नई पानी की टंकी का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। यह टंकी नगर पंचायत के पुराने कार्यालय परिसर में बनाई जा रही है। क्षेत्र के नागरिकों को यमित और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहले इसी स्थान पर करीब डेढ़ लाख लीटर क्षमता की पानी की टंकी मौजूद थी, लेकिन बढ़ती आबादी और पानी की मांग को देखते हुए अब यहां अधिक क्षमता वाली नई टंकी तैयार की जा रही है। हालांकि, इस निर्माण कार्य को लेकर अब स्थानीय स्तर पर विरोध भी तेज हो गया है।
नगरसेवक अतुल मानवटकर ने इस स्थान पर टंकी बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए जिला प्रशासन से इसे किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि जिस जगह पर यह निर्माण कार्य चल रहा है, वह क्षेत्र पहले से ही शैक्षणिक, माजिक और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में यहां भारी-भरकम पानी की टंकी बनने से नागरिकों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। मानवटकर ने जिलाधिकारी को दिए गए निवेदन में बताया कि इस परिसर में जिला परिषद का स्कूल स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। इसके अलावा गुरुदेव सेवा मंडल के विभिन्न कार्यक्रम और वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियां भी इसी परिसर में आयोजित की जाती हैं। परिसर में जिला परिषद का दवाखाना भी मौजूद है, जहां इलाज के लिए रोजाना बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में यहां लगातार निर्माण कार्य और बाद में टंकी के संचालन से भीड़भाड़ तथा सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। निर्माण कार्य के दौरान भारी मशीनों की आवाजाही, धूल और शोर से आसपास के लोगों को परेशानी हो रही है। भविष्य में टंकी के रखरखाव और पानी आपूर्ति के दौरान भी यहां ट्रैफिक और अन्य अव्यवस्थाएं बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
नगरसेवक अतुल मानवटकर ने प्रशासन से मांग की है कि नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस परियोजना के लिए किसी खुले और उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए, ताकि पानी की समस्या का समाधान भी हो और स्थानीय लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत भी न हो। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी के अलावा महानिर्मिती, महादुला नगर पंचायत तथा मुख्यमंत्री कार्यालय को भी निवेदन की प्रतियां भेजी हैं। अब इस मुद्दे को लेकर स्थानीय नागरिकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि पानी की समस्या का समाधान जरूरी है, लेकिन इसके लिए ऐसी जगह का चयन होना चाहिए जहां आम लोगों की दैनिक गतिविधियों पर असर न पड़े। फिलहाल प्रशासन के अगले निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
