Desk | Nagpur
नागपुर जिले के मौदा-अरौली थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। रामटेक-भंडारा मार्ग पर दो ट्रकों के बीच हुई भीषण टक्कर में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि टक्कर के बाद एक ट्रक में आग लग गई, जबकि दूसरा ट्रक सड़क पर ही पलट गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भंडारा से रामटेक की ओर लोहे से भरा एक ट्रक जा रहा था। उसी दौरान तुमसर की ओर से भंडारा की दिशा में तेज रफ्तार से रेत लेकर जा रहा दूसरा ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और सामने से आ रहे लोहे से लदे ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जोरदार थी कि लोहे से भरा ट्रक सड़क किनारे नीचे जा गिरा। दुर्घटना के तुरंत बाद ट्रक में शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके चलते उसमें आग लग गई। देखते ही देखते आग ने ट्रक को अपनी चपेट में ले लिया। वहीं रेत से भरा दूसरा ट्रक सड़क पर पलट गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिक घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। कुछ लोगों ने घायलों को ट्रकों से बाहर निकालने का प्रयास किया,
जबकि अन्य लोगों ने पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अरौली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस दुर्घटना में सोहेल खान, सुनील शेंद्रे और कमलेश मेश्राम गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों को तत्काल रामटेक उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए नागपुर के मेडिकल अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल तीनों का इलाज जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने और यातायात बहाल करने के लिए विशेष अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद सड़क पर आवागमन सामान्य किया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन चालक का नियंत्रण खोना हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने इस मार्ग पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों पर चिंता व्यक्त की है। नागरिकों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी के कारण इस मार्ग पर दुर्घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने और नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।
