Desk | Bhandara
आंदोलन का 24वां दिन; ओबीसी संघर्ष समिति ने आंदोलन और तेज करने का किया ऐलान ओबीसी समाज की जातिगत जनगणना की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब और उग्र होने की ओर बढ़ रहा है। आंदोलन के 24वें दिन भंडारा जिला कलेक्टर कार्यालय में प्रशासन और ओबीसी संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, लेकिन यह बैठक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ओबीसी संगठनों ने जनगणना के बहिष्कार का निर्णय कायम रखने और आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। बैठक में प्रभारी जिला कलेक्टर, अपर जिला कलेक्टर, तहसीलदार तथा ओबीसी समाज के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जिले में जनगणना के दौरान ओबीसी समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने और उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, ओबीसी संगठनों ने कहा कि उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस निर्णय चाहिए। ओबीसी संघर्ष समिति के नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार ओबीसी जनगणना को लेकर ठोस कदम नहीं उठाती,
तब तक जनगणना बहिष्कार आंदोलन जारी रहेगा। नेताओं ने कहा कि वर्ष 2018 में भी सरकार ने ओबीसी समाज को आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। आंदोलन शुरू होने के बाद से जिले के विभिन्न हिस्सों में ओबीसी समाज के लोगों का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है, इसलिए जनगणना बहिष्कार का रास्ता अपनाना पड़ा है। 300 ग्राम पंचायतों ने पारित किया बहिष्कार प्रस्ताव भंडारा और गोंदिया जिलों की लगभग 300 ग्राम पंचायतों ने जनगणना बहिष्कार के समर्थन में प्रस्ताव पारित किए हैं। ओबीसी संगठनों का दावा है कि इन प्रस्तावों के माध्यम से समाज ने जनगणना प्रक्रिया में भाग नहीं लेने की सामूहिक भूमिका स्पष्ट कर दी है। 5 जुलाई को महासंग्राम आंदोलन का आह्वान ओबीसी जनगणना की मांग को लेकर आंदोलन को और व्यापक बनाने के लिए 5 जुलाई को गढ़चिरौली जिले के आरमोरी में “महासंग्राम आंदोलन” आयोजित किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। कलेक्टर कार्यालय के बाहर फिर शुरू हुआ आंदोलन जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक बेनतीजा रहने के बाद आंदोलनकारियों ने कलेक्टर कार्यालय परिसर के बाहर दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। संघर्ष समिति ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी बैठक में ओबीसी महासंघ के मुख्य संयोजक अशोक कोरगांवकर, संघर्ष समिति के समन्वयक सादिक इब्राहिम, भास्कर बेरोंडे, रमेश रहांगडाले, गोपाल सेलेकर, मनीषा बोबडे, अरुण गजभिये, विजय जामने, राजू इटणकर सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।
