Desk | Gadchiroli
नगरपालिका सीमा विस्तार में शामिल नए गांवों के नागरिकों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब इन क्षेत्रों की जमीनों के लिए उपयोग में आने वाला पारंपरिक सातबारा (7/12 उतारा) धीरे-धीरे बंद किया जाएगा और उसकी जगह ‘प्रॉपर्टी कार्ड’ जारी किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से जमीन और संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और डिजिटल बनेंगे। साथ ही नागरिकों को बैंक ऋण, खरीद-बिक्री और अन्य प्रशासनिक कार्यों में काफी सुविधा मिलेगी। नगर भू-मापन योजना के तहत होगा सर्वे सीमा विस्तार में शामिल क्षेत्रों की जमीनों का सटीक रिकॉर्ड तैयार करने के लिए सरकार ने नगर भू-मापन योजना लागू की है। इस योजना के अंतर्गत आधुनिक तकनीक और डिजिटल सर्वेक्षण के माध्यम से प्रत्येक खेत, प्लॉट, मकान और अन्य संपत्तियों का मापन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित संपत्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार कर उन्हें भू-अभिलेख विभाग में दर्ज किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रक्रिया से जमीन की वास्तविक स्थिति, क्षेत्रफल, स्वामित्व और सीमाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध होगी। इससे भविष्य में भूमि विवादों को कम करने में भी मदद मिलेगी। अंतिम चरण में पहुंचा सर्वेक्षण कार्य राजस्व एवं भूमि अभिलेख विभाग द्वारा सीमा विस्तार क्षेत्रों में सर्वेक्षण और मापन का कार्य पिछले कई महीनों से चल रहा है। अधिकांश स्थानों पर यह काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद पुराने सातबारा रिकॉर्ड की जगह डिजिटल स्वरूप में प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जाएंगे। यह प्रॉपर्टी कार्ड नागरिकों के लिए उनकी संपत्ति के स्वामित्व का अधिकृत दस्तावेज होगा, जिसे विभिन्न सरकारी और वित्तीय कार्यों में मान्यता प्राप्त होगी। बैंक ऋण लेने में मिलेगी बड़ी राहत वर्तमान में कई नागरिकों को पुराने सातबारा रिकॉर्ड के कारण बैंक ऋण प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में दस्तावेजों की विसंगतियों या अधूरी जानकारी के कारण ऋण प्रक्रिया लंबी हो जाती है।
प्रॉपर्टी कार्ड लागू होने के बाद संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा, जिससे बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान दस्तावेजों का सत्यापन आसानी से कर सकेंगे। इससे नागरिकों को गृह ऋण, व्यावसायिक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त करने में काफी आसानी होगी। प्रॉपर्टी कार्ड से होंगे कई फायदे प्रॉपर्टी कार्ड लागू होने के बाद नागरिकों को अनेक लाभ प्राप्त होंगे संपत्ति के स्वामित्व का अधिकृत और कानूनी प्रमाण मिलेगा। बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सेवाएं प्राप्त करना आसान होगा। संपत्ति की खरीद-बिक्री प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। फर्जी दस्तावेजों और अवैध लेन-देन पर रोक लगेगी। भूमि संबंधी विवादों में कमी आएगी। सभी रिकॉर्ड डिजिटल होने से प्रशासनिक कार्य तेजी से पूरे होंगे। नागरिकों को अपनी संपत्ति की जानकारी एक ही दस्तावेज में उपलब्ध होगी। सभी जमीनों का होगा डिजिटल रिकॉर्ड सीमा विस्तार क्षेत्रों की सभी जमीनों के सातबारा और ‘8-अ’ अभिलेखों की जांच कर उन्हें भू-अभिलेख विभाग के डिजिटल रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। इसके बाद संबंधित भूमि मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जाएंगे। सरकार का यह कदम शहर के विस्तार वाले ग्रामीण क्षेत्रों को आधुनिक भूमि प्रबंधन प्रणाली से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे मीन संबंधी रिकॉर्ड अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनेंगे, जिसका सीधा लाभ हजारों नागरिकों को मिलेगा।
