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AMRAVATI : 88 लाख के खेल का पर्दाफाश!

Desk | Amravati

पूर्व और वर्तमान संचालकों पर मामला दर्ज, ऑडिट में सामने आई बड़ी वित्तीय अनियमितता अमरावती महानगरपालिका सफाई कर्मचारी प्रत्यय संस्था लिमिटेड में करीब 88 लाख 11 हजार 111 रुपये के वित्तीय घोटाले और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। संस्था के वित्तीय लेन-देन और ऋण वितरण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद कोतवाली पुलिस ने शनिवार को एफआईआर दर्ज कर 12 लोगों के खिलाफ मामला कायम किया है। इस कार्रवाई के बाद संस्था के कामकाज को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। आरोपियों में संस्था के पूर्व और वर्तमान पदाधिकारी, संचालक, लेखा परीक्षक और अन्य संबंधित व्यक्तियों का समावेश है। इनमें शामिल फ. प्र. सोनोने का निधन हो चुका है। एफआईआर के अनुसार, अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 के बीच संस्था में हुए वित्तीय व्यवहारों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी किए जाने का आरोप है।

संस्था के खातों और ऋण वितरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच के लिए विशेष लेखा परीक्षक के. पी. भेंडरे की नियुक्ति की गई थी। उनके द्वारा किए गए विस्तृत ऑडिट के दौरान कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि संस्था के धन का उपयोग निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं किया गया तथा ऋण वितरण में भी गंभीर त्रुटियां और संदिग्ध लेन-देन हुए हैं। ऑडिट रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि संस्था के वित्तीय रिकॉर्ड और वास्तविक लेन-देन के बीच कई विसंगतियां पाई गईं। इसके चलते संस्था को लाखों रुपये का नुकसान हुआ। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों और पदाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध मानी गई, जिसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। आरोपियों की लंबी सूची लेखा परीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर पुलिस ने कुल 12 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आर्थिक अनियमितता का मामला दर्ज किया है।

इनमें तत्कालीन सचिव प्रभा सिरसाट (60 वर्ष), तत्कालीन अध्यक्ष के. फ. सोनोने, पूर्व अध्यक्ष राजेश प्रल्हाद साखरे (55 वर्ष), पूर्व संचालक बबन मंगले (58 वर्ष), आनंद अशोक डोंगरे (51 वर्ष), संदीप ओंकार सिरसाट (54 वर्ष), सोनू कन्हैया नागर (60 वर्ष), भगवान नागर (60 वर्ष), दो महिला संचालक, लेखा परीक्षक डी. जी. राहंगडाले (भुज, अमरावती), मनोहर शेलगावकर तथा आर. के. मुंडे एंड कंपनी से जुड़े व्यक्तियों का समावेश है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संस्था से जुड़े वित्तीय दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड तथा ऋण वितरण से संबंधित फाइलों की जांच की जा रही है। जरूरत पड़ने पर आरोपियों से पूछताछ भी की जाएगी। जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस बड़े वित्तीय घोटाले के उजागर होने के बाद संस्था के सदस्यों और सफाई कर्मचारियों में नाराजगी का माहौल है। कर्मचारियों का कहना है कि उनके हितों की रक्षा और आर्थिक सहायता के लिए बनाई गई संस्था में इस तरह की अनियमितताएं सामने आना बेहद गंभीर मामला है। वहीं, पुलिस और संबंधित विभागों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।