Desk | Wardha
हिंगणघाट शहर में मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले गिरोह के खिलाफ स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 54 ग्राम 11 मिलीग्राम मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स, नकदी, मोबाइल फोन और एक वाहन सहित कुल 1 लाख 99 हजार 920 रुपये का माल जब्त किया है। यह कार्रवाई रविवार देर रात गुप्त सूचना के आधार पर की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान निखिल मनोज रामटेके (25, शास्त्री वार्ड), पीयूष राज मुळेकर (27, गोमाजी वार्ड), उदय हरिभाऊ शेवाळे (29, संत ज्ञानेश्वर वार्ड) और कार्तिक वसंत हर्डे (29, संत तुकडोजी वार्ड, हिंगणघाट) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार चारों आरोपी शहर और आसपास के क्षेत्रों में एमडी ड्रग्स की बिक्री करने के धंधे में शामिल थे। इनके खिलाफ पहले भी हिंगणघाट पुलिस थाने में विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय अपराध शाखा को रविवार रात विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली थी कि कुछ युवक हिंगणघाट क्षेत्र में मेफेड्रोन ड्रग्स की बिक्री करने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाकर संबंधित स्थान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान चारों संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से 54 ग्राम 11 मिलीग्राम एमडी ड्रग्स, 32 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन तथा एमएच-32 बीएफ-9298 नंबर का एक वाहन बरामद किया गया। पुलिस ने जब्त किए गए सभी सामान की कुल कीमत 1 लाख 99 हजार 920 रुपये आंकी है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह ड्रग्स नागपुर के पंकज आरोगे और योगेश पांडे नामक व्यक्तियों से खरीदी थी। इसके बाद पुलिस ने ड्रग्स सप्लाई चेन की जांच शुरू कर दी है और नागपुर तक फैले नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी हिंगणघाट शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी एमडी ड्रग्स की आपूर्ति और बिक्री कर रहे थे। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि जिले में मादक पदार्थों का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस अब इस मामले में ड्रग्स के मुख्य सप्लायरों और अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है। इस प्रकरण में हिंगणघाट पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स तस्करी और बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा तथा पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सोमकुमार अग्रवाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यशवंत सोलंके के मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक दिनेश पाटिल, उपनिरीक्षक ठाकुर, पीएसआई सोनू कुरसे, पीएसआई बोरकर, हेड कॉन्स्टेबल डोंगरे, अरविंद चौरकर, हेमंत सावळकर, सुभाष निकाळजे, महादेव मेश्राम, रवी साहू, मनीष मंगळे, विकास मेंढे, विनोद कोपासे, सुगम चौधरी, शुभम गावंडे और सचिन काटे सहित पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दी।
