Desk | Yavatmal
यवतमाल के हदवाड़ क्षेत्र में अब संपत्ति धारकों को “प्रॉपर्टी कार्ड” मिलने का रास्ता साफ हो गया है। राजस्व विभाग ने इसके लिए सिटी सर्वे और मापन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस फैसले से संपत्ति का मालिकाना हक साबित करना, नामांतरण, खरीद-बिक्री और बैंक लोन जैसी प्रक्रियाएं आसान हो जाएंगी। जानकारी के मुताबिक, हदवाड़ क्षेत्र की करीब 25 हजार संपत्तियों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी किए जाएंगे। शहर क्षेत्रों में अब सातबारा और उतारे की जगह प्रॉपर्टी कार्ड को अधिकृत दस्तावेज के रूप में मान्यता दी जाएगी। इससे नागरिकों को अपनी संपत्ति का प्रमाणपत्र आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। राजस्व विभाग ने यवतमाल शहर के लोहरा, उमरसरा, पिंपलगांव, भोस, वाघापुर और वडगांव सहित कई इलाकों में सिटी सर्वे का काम शुरू कर दिया है। शहर के कुछ हिस्सों का मापन पूरा हो चुका है, जबकि बाकी क्षेत्रों में भी जल्द सर्वे किया जाएगा। इस काम के लिए शासन की ओर से करोड़ों रुपये का फंड उपलब्ध कराया गया है। जिला प्रशासन और भूमि अभिलेख विभाग संयुक्त रूप से यह अभियान चला रहे हैं।
शासन के नियमों के अनुसार, यदि जमीन पर कोई अतिक्रमण नहीं पाया गया और दस्तावेज सही रहे, तो संबंधित संपत्ति धारकों को प्रॉपर्टी कार्ड जारी किया जाएगा। इसके बाद संपत्ति हस्तांतरण, वारिस हक, बिक्री और बैंक ऋण की प्रक्रिया पहले से अधिक सरल हो जाएगी। खबर के अनुसार, शहर के लगभग 90 हजार घरों की जानकारी एकत्रित की गई है, जबकि नगरपालिका के पास करीब एक लाख संपत्तियों का रिकॉर्ड मौजूद है। इनमें लगभग 70 हजार आवासीय मकान शामिल बताए गए हैं। भूमि अभिलेख विभाग ने फिलहाल 20 से 25 हजार संपत्तियों के लिए प्रॉपर्टी कार्ड तैयार करने का लक्ष्य तय किया है। कई वर्षों से लंबित रिकॉर्ड को अब डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है। इस फैसले से नागरिकों को बार-बार राजस्व कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और संपत्ति विवादों में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
