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WARDHA : नाबालिगों की बाइक राइड बनी जानलेवा!

Desk | Wardha

बच्चों को वाहन देने से पहले 100 बार सोचें; वर्धा में 40 नाबालिग चालकों पर कार्रवाई शहर में हाल ही में हुए कुछ सड़क हादसों और नाबालिग बच्चों द्वारा बढ़ते हुए दोपहिया वाहन चलाने के मामलों को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पिछले कुछ दिनों में 40 नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई की गई है, वहीं उनके अभिभावकों को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, नाबालिग बच्चों के हाथ में बाइक देना उनके और दूसरों की जान के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। “मेरा बेटा बचपन से गाड़ी चलाता है”, “उसे अच्छे से चलानी आती है” जैसी बातें कहने वाले माता-पिता को अब कानून का सख्त संदेश दिया जा रहा है।

जिले में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में पिछले दो वर्षों में काफी बढ़ोतरी हुई है। कई छात्र स्कूल, कॉलेज या दोस्तों के साथ घूमने के लिए बाइक लेकर निकलते हैं। हेलमेट न पहनना, तेज रफ्तार, ट्रिपल सीट और मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने जैसी लापरवाहियों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि यदि किसी नाबालिग चालक से हादसा होता है तो उसके माता-पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज किया जा सकता है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन मालिक पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। इसलिए अभिभावकों से बच्चों को वाहन देने में विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। “लाइफ” या मौत को न्योता? कई माता-पिता बच्चों की जिद के आगे झुककर उन्हें बाइक दे देते हैं। लेकिन सड़क का अनुभव न होने के कारण ये बच्चे खुद की और दूसरों की जान खतरे में डाल देते हैं। ट्रैफिक नियमों का पालन न करना, सिग्नल तोड़ना और तेज रफ्तार में वाहन चलाना गंभीर हादसों की वजह बन रहा है। सड़कें बन रही हैं मौत का जाल नाबालिग बच्चों को ट्रैफिक नियमों की पूरी जानकारी नहीं होती। अचानक मोड़ लेना, गलत दिशा में वाहन चलाना और स्पीड पर नियंत्रण न रखना जैसे कारणों से अन्य वाहन चालकों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।

पुलिस की चेतावनी ट्रैफिक पुलिस निरीक्षक विकास पाटील ने कहा कि, “16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। माता-पिता, स्कूल और कॉलेजों को भी आगे आकर बच्चों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना चाहिए। नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।” अभिभावक रहें सतर्क अपने बच्चों को वाहन देने से पहले उनकी सुरक्षा के बारे में गंभीरता से सोचना जरूरी है। एक छोटी सी गलती पूरी जिंदगी बर्बाद कर सकती है। इसलिए नाबालिग बच्चों को वाहन देते समय माता-पिता को जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील ट्रैफिक विभाग ने की है।