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PUNE : नीट पेपर लीक केस: छात्र-डॉक्टर गिरफ्तार

Desk | Pune

देशभर में सनसनी फैलाने वाले नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने जांच को तेज करते हुए दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुणे के एक छात्र और लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरोरे को गिरफ्तार किया गया है। इन गिरफ्तारियों के बाद यह साफ होता जा रहा है कि पेपर लीक रैकेट का नेटवर्क काफी बड़ा और संगठित था। महाराष्ट्र में अब तक इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जबकि पूरे देश में कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के अनुसार, पुणे के गिरफ्तार छात्र पर मुख्य आरोपी मनीषा हवालदार से नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र खरीदने का आरोप है।

सीबीआई ने छात्र को पुणे से हिरासत में लेकर अदालत में पेश किया, जहां से उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाने की अनुमति दी गई। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि छात्र का इस रैकेट से कितना गहरा संबंध था, प्रश्नपत्र हासिल करने के लिए कितने पैसों का लेन-देन हुआ और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल थे। वहीं, लातूर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शिरोरे की गिरफ्तारी ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। सीबीआई ने उन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है और अब उनकी भूमिका की गहन जांच की जाएगी। जांच एजेंसियों को शक है कि पेपर लीक रैकेट में कुछ डॉक्टर, बिचौलिए और छात्र मिलकर काम कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक, कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डॉ. शिरोरे को भी आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया जाएगा। सीबीआई को जांच के दौरान कुछ अहम डिजिटल सबूत भी मिले हैं। मुख्य आरोपी मनीषा हवालदार के मोबाइल फोन में गिरफ्तार छात्र का नंबर किसी दूसरे नाम से सेव किया गया था। इसके अलावा मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

एजेंसी इन सबूतों के जरिए पूरे पेपर लीक नेटवर्क का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है। देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट में हुए इस घोटाले ने लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। मेहनत से परीक्षा देने वाले छात्रों में भारी नाराजगी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई है। सीबीआई ने अब कई राज्यों में जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एजेंसी आर्थिक लेन-देन, आरोपियों के आपसी संपर्क और प्रश्नपत्र लीक होने की पूरी साजिश की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।